<?xml version="1.0" encoding="utf-8" ?><rss version="2.0" xml:base="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/194/all" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/">
  <channel>
    <title>چین</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/194/all</link>
    <description></description>
    <language>fa</language>
          <item>
    <title>آیا چین در آستانه انقلاب است؟</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2013/03/12/24650</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/politics/2013/03/12/24650&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-text field-field-nevisandeh&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    مارک سیمونس        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div class=&quot;field field-type-text field-field-motarjem&quot;&gt;
      &lt;div class=&quot;field-label&quot;&gt;برگردان:&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    اکبر فلاح‌زاده        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-maghaleh-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_maghaleh_image&quot; width=&quot;309&quot; height=&quot;231&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/mao.jpg?1363083379&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;مارک سیمونس- رئیس دفترسیاسی&amp;nbsp;حزب&amp;nbsp;کمونیست چین در&amp;nbsp;ته&amp;nbsp;صندوقخانه خود به کتابی از قرن نوزدهم برخورده که با دقتی&amp;nbsp;عجیب وضع امروز کشور چین را&amp;nbsp;تشریح می&amp;zwnj;&amp;zwnj;کند و خبر از &amp;nbsp;فرا رسیدن یک انقلاب می&amp;zwnj;دهد. این کتاب اثر الکسی دو توکویل، جامعه&amp;zwnj;شناس قرن نوزدهم فرانسه است.&lt;/p&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;نام کتاب مورد نظر&amp;nbsp;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; &lt;/span&gt;&lt;em&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;L&amp;#39;Ancien R&amp;eacute;gime et la R&amp;eacute;volution &lt;/span&gt;&lt;/em&gt;یا &amp;quot;رژیم کهن و انقلاب&amp;quot; است. کتابی که الکسی دو توکویل &lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;(Alexis de Tocquevilles)&lt;/span&gt; جامعه&amp;zwnj;شناس فرانسوی آن را نوشته و در سال ١٨٥٦ منتشر شده است.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;لی کچیانگ&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;( Li Keqiang)&amp;nbsp;&lt;/span&gt; دومین فرد حزب کمونیست چین و&amp;nbsp; نخست وزیر آینده کشور و همینطور&amp;nbsp;وانگ چیشان&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;(Wang Qishan) &lt;/span&gt;&amp;nbsp;عضو بلند پایه دفترسیاسی و مسئول&amp;nbsp;مبارزه با فساد، بارها خواندن این کتاب را به همگان توصیه کرده&amp;zwnj;اند. خواندن این کتاب از جمله در دیدار با مشاوران دولت سفارش شده که مشغول بررسی راه&amp;zwnj;های جلوگیری از افول حزب&amp;nbsp;و دولت هستند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;این&amp;zwnj;ها&amp;nbsp;دلایلی هستند که کتاب یاد شده را &amp;nbsp;نزد مقامات و روشنفکران چینی اینقدر محبوب کرده&amp;zwnj;اند. در غرب، &amp;quot;رژیم کهن و انقلاب&amp;quot; زیر سایه اثر دیگر توکویل یعنی &amp;quot;دمکراسی درآمریکا&amp;quot; قرار گرفته است.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;حال در این زمینه&amp;nbsp; دو پرسش مطرح است : امروز کمونیست&amp;zwnj;های چینی با تحلیل توکویل از فرانسه&amp;nbsp;قبل از انقلاب ١٧٨٩ &lt;span dir=&quot;RTL&quot;&gt;هم&amp;zwnj;ذات &lt;/span&gt;پنداری می&amp;zwnj;کنند. این چه معنی می&amp;zwnj;دهد؟&amp;nbsp; پرسش دوم این است که چرا&amp;nbsp;این موضوع&amp;nbsp;&amp;nbsp;را علنی و&amp;nbsp; برملا می&amp;zwnj;سازند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;یک جامعه &amp;nbsp;به کلی متشتت&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;طرفه آن که این کتاب، فرانسه قبل از انقلاب ١٧٨٩ را مانند آن تصویری توصیف نمی&amp;zwnj;کند که نظریه پردازان غربی تا همین چندی پیش از&amp;nbsp;دولت&amp;zwnj;های سوسیالیست واقعا موجود ارائه &amp;nbsp;می&amp;zwnj;دادند؛ یعنی سیستمی که به علت &amp;nbsp;اصلاح ناپذیر بودن و کله شقی&amp;zwnj;اش&amp;nbsp;نابود می&amp;zwnj;شود.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;توکویل اصلا&amp;nbsp;جامعه فرانسه تحت حاکمیت استبدادی قبل از انقلاب را دارای پویایی روز افزون، شفافیت و در مسیر&amp;nbsp;مدرنیته می&amp;zwnj;داند. اما نکته اینجا بود که سیاست&amp;nbsp;تمرکزگرایی و عقلایی و صرفه&amp;zwnj;جویانه کردن اقتصاد دولت&amp;nbsp;استبدادی، نهادهای کهن و اشکال همکاری را چنان بی&amp;zwnj;محتوا کرد&amp;nbsp;که در جامعه &amp;nbsp;فقط کاست&amp;zwnj;های متخالف باقی ماندند.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;جامعه&amp;zwnj;ای چنین متشتت -&amp;nbsp; که توکویل آن را &amp;quot;فردیت اشتراکی&amp;quot; نامیده - چیز مشترکی جز اشتیاق به آن ندارد که به&amp;nbsp;هر قیمتی ثروتمند شود&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;حکومت استبدادی قبل از انقلاب فرانسه نیز از&amp;nbsp; ترس متحد شدن مردم، از&amp;nbsp;این انشقاق اجتماعی هیچ بدش نمی&amp;zwnj;آمد و به آن دامن هم می&amp;zwnj;زد تا هرگونه شور و&amp;nbsp;هیجان و حس مشترک اجتماعی و هم&amp;zwnj;چنین ضرورت&amp;nbsp;هرگونه&amp;nbsp;تفاهم را از جامعه بگیرد.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;img alt=&quot;&quot; src=&quot;/sites/default/files/%25b%25f/userfiles/%25u/nike.jpg&quot; style=&quot;width: 180px; height: 120px; float: right;&quot; /&gt;این هم وصف حال چین امروز است که حرص&amp;nbsp;و ولع مردم برای ثروتمند شدن از طرف سیستم نه تنها مشروع&amp;nbsp; شناخته می شود، بلکه آن را به عنوان بدیل هر گونه جاه&amp;zwnj;طلبی&amp;nbsp;سیاسی، تبدیل به تکلیف هم می&amp;zwnj;کنند. در این میان هر کس دنبال این است که گلیم خود &amp;nbsp;را از آب بیرون بکشد&amp;nbsp;و برای بالا کشیدن خود از سر&amp;nbsp;و&amp;nbsp; کول دیگران بالا برود.&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;در قرون گذشته اشراف زادگان و&amp;nbsp; مردمی&amp;nbsp; که بعدها به&amp;nbsp; شهروند تبدیل شدند، در وظایف و&amp;nbsp;امور مشترک اجتماعی با هم همکاری می&amp;zwnj;&amp;zwnj;کردند اما&amp;nbsp;کم کم دولت اجرای این امور را به عهده گرفت.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;هر چه&amp;nbsp;به عهده گرفتن اجرای این وظایف توسط قدرت مرکزی بیشتر شد، کوس&amp;nbsp;رسوایی تبعیض و نابرابری هم گوشخراش&amp;zwnj;تر شد. از جمله این نابرابری&amp;zwnj;ها معافیت اشرا&amp;zwnj;ف زادگان از پرداخت مالیاتی بود که مدام افزایش می&amp;zwnj;یافت&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;از آنجا که در چنین جامعه&amp;zwnj;ای هیچ چیز ثبات و دوام&amp;nbsp; ندارد، همه&amp;nbsp;مردم ملتهب&amp;nbsp;و برانگیخته&amp;zwnj;اند: بعضی از ترس سقوط، برخی هم از غصه این که از قافله پیشرفت عقب بمانند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;پرهیز از سرنوشت اتحاد شوروی&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;این هم وصف حال چین امروز است که حرص&amp;nbsp;و ولع مردم برای ثروتمند شدن از طرف سیستم &amp;nbsp;نه تنها مشروع&amp;nbsp;شناخته می&amp;zwnj;شود، بلکه آن را به عنوان بدیل هر گونه جاه&amp;zwnj;طلبی&amp;nbsp;سیاسی، تبدیل به تکلیف هم می&amp;zwnj;کنند. در این میان هر کس دنبال این است که گلیم خود &amp;nbsp;را از آب بیرون بکشد&amp;nbsp;و برای بالا کشیدن خود از سر&amp;nbsp;و&amp;nbsp; کول دیگران بالا برود. به ویژه کشاورزان&amp;nbsp;و طبقه متوسط شهری دیگر منافع&amp;nbsp;مشترک ندارند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;هر گونه امکان کار مشترک از بین می&amp;zwnj;رود و به این ترتیب حزب نقش قدرت مرکزی در سیستم توکویل را به عهده&amp;nbsp; می&amp;zwnj;گیرد. از طرف دیگر&amp;nbsp;این حزب همانند اشرافیت فاقد ارزش اجتماعی در فرانسه است که&amp;nbsp;در زمینه اقتصاد نیز در بلبشوی تبعیض و نابرابری، امتیاز بذل و بخشش می&amp;zwnj;کند&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;از سال ۱۹۸۹ نظر رژیم&amp;nbsp;این بوده که ثبات سیستم می&amp;zwnj;تواند&amp;nbsp;از راه افزایش مداوم تولید ناخالص ملی، عقلایی کردن پیشرونده&amp;nbsp; اقتصاد و&amp;nbsp;سیستماتیک کردن سلطه &amp;nbsp;حکومت محقق شود&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; . &lt;/span&gt;یعنی از راه اصلاحاتی که توان حل مشکلات را داشته و&amp;nbsp;در امور مشخص انعطاف نشان دهد و هم&amp;zwnj;زمان سبب&amp;nbsp;تحکیم و صلابت&amp;nbsp;سلطه&amp;nbsp;تک حزبی در کل شود، به نحوی که جمهوری خلق چین هرگز به&amp;nbsp;سرنوشت اتحاد شوروی دچار نیاید. از قضا &amp;quot;لیبرال&amp;zwnj;ها&amp;quot; در داخل حزب&amp;nbsp;همیشه استدلال کرده&amp;zwnj;اند که اصلاحات به جا و به موقع&amp;nbsp;جلوی&amp;nbsp; وقوع انقلاب را می&amp;zwnj;گیرد.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;چرا در فرانسه کار به انقلاب کشید؟ &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;علاقه به توکویل دلالت دارد بر این که از نظر&amp;nbsp;کارکرد، این مدل چینی عمرش به سر آمده است. توکویل می&amp;zwnj;نویسد که&amp;nbsp;در نیمه قرن هجدهم از اشتیاق به آزادی در ملت&amp;nbsp; فرانسه خبری نبود.&amp;nbsp; &amp;quot;این ملت بیشتر اصلاحات می&amp;zwnj;خواست تا قانون&amp;quot;. شهروندان این جامعه هم چیزی بیش از این نمی خواسته&amp;zwnj;اند که &amp;quot;نوکران برابر حقوق اربابان دنیا باشند&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&amp;quot;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;به نظر توکویل، دلیل این که چند ده سال بعد از این ارزیابی از جامعه &amp;nbsp;فرانسه، یک باره در مقابل چشمان حیرت&amp;zwnj;زده همگان کار به انقلاب سال ١٧٨٩کشید، فرسودگی نهادهای خودگردان میانجی بین دولت مرکزی و فرد بود. هم&amp;zwnj;چنین به این دلیل که&amp;nbsp;سیاست نوگرایی در سال&amp;zwnj;های قبل از انقلاب همیشه&amp;nbsp;با اصلاحات اجتماعی بیشتر همراه بود، به طوری که توقعات و انتظارات&amp;nbsp;را در مردم&amp;nbsp;افزایش داد&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;مردمی که&amp;nbsp;مدت&amp;zwnj;های مدید از امور اجتماعی برکنار مانده بودند، بی&amp;zwnj;خیال و کر تلقی می&amp;zwnj;شدند. از این رو هنگامی که بحث&amp;zwnj;هایی در مورد سرنوشت مردم&amp;nbsp;شروع شد، در حضور خودشان جوری از آنها حرف می&amp;zwnj;زدند،&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;انگار که حضور ندارند و نمی&amp;zwnj;شنوند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;img alt=&quot;&quot; src=&quot;/sites/default/files/%25b%25f/userfiles/%25u/pool.jpg&quot; style=&quot;width: 180px; height: 129px; float: right;&quot; /&gt;رسانه های دولتی&amp;nbsp;و&amp;nbsp;مشاوران دولت پشت سر هم از&amp;nbsp;نشانه&amp;zwnj;های تشدید بحران خبرمی&amp;zwnj;دهند: یک درصد خانواده&amp;zwnj;ها صاحب &amp;nbsp;۴ / ۴۱ درصد دارایی&amp;zwnj;های خصوصی هستند. ۹۱ درصد مردم معتقدند که ثروتمندان از رابطه با حزب&lt;span dir=&quot;RTL&quot;&gt; بهره&amp;zwnj;مند&lt;/span&gt; می&amp;zwnj;شوند. به گفته یکی از مشاوران دولت، بسیاری از مقامات حزبی خود را ناامن احساس می&amp;zwnj;کنند و به&amp;nbsp;همین دلیل زن&amp;nbsp;و&amp;nbsp; دارایی&amp;zwnj;هایشان رابه&amp;nbsp;خارج منتقل می&amp;zwnj;کنند. از این گذشته به نحو فزاینده&amp;zwnj;ای به بودا اعتقاد پیدا می&amp;zwnj;کنند.&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;به این ترتیب چیزهایی به گوش&amp;nbsp;ملت خورد که در بستری از رشد نامعقول نابرابری&amp;zwnj;ها سبب سوء تفاهم شد. یعنی باعث شد&amp;nbsp;خلاء ناشی از استبداد، پیش زمینه ایجاد آن&amp;nbsp;مدل اجتماعی دیده شود که&amp;nbsp; روشنفکران متمرکز&amp;nbsp;بر انتزاعات و سیستم&amp;zwnj;ها ارائه کرده بودند&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;انتقال دارایی ها به خارج&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;توصیه خواندن توکویل در پکن&amp;nbsp;حالا به طرز قابل توجهی هم&amp;zwnj;زمان شده با تغییر&amp;nbsp;در تاکتیک سخنوری حزبی در پی&amp;nbsp;تغییر رهبری&amp;nbsp;در ماه نوامبر&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; .&lt;/span&gt;در حالی که&amp;nbsp;تا قبل از این تغییر&amp;nbsp;هر گونه قیاس با دیکتاتورهای سرنگون شده در بهار عربی به&amp;nbsp;شدت تکذیب می&amp;zwnj;شد،&amp;nbsp;شی جین پینگ&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; ،&lt;/span&gt;رهبر جدید بارها اعلام کرده که &amp;quot;اگر مسئله فساد حل نشود، این&amp;nbsp;به معنی&amp;nbsp;پایان حزب&amp;nbsp;و آخر خط دولت خواهد بود.&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;رسانه های دولتی&amp;nbsp;و&amp;nbsp;مشاوران دولت پشت سر هم از&amp;nbsp;نشانه&amp;zwnj;های تشدید بحران خبرمی&amp;zwnj;دهند: یک درصد خانواده&amp;zwnj;ها صاحب &amp;nbsp;۴ / ۴۱&amp;nbsp; درصد دارایی&amp;zwnj;های خصوصی هستند. ۹۱ درصد مردم بنا به بررسی روزنامه حزبی &amp;quot;رنمین ریباو&amp;quot; معتقدند که ثروتمندان از رابطه با حزب&lt;span dir=&quot;RTL&quot;&gt; بهره&amp;zwnj;مند&lt;/span&gt; می&amp;zwnj;شوند. به گفته یکی از مشاوران دولت به نام&amp;nbsp;&amp;quot; یو کپینگ&amp;quot; بسیاری از مقامات حزبی خود را ناامن احساس می&amp;zwnj;کنند و به&amp;nbsp;همین دلیل زن&amp;nbsp;و&amp;nbsp; دارایی&amp;zwnj;هایشان رابه&amp;nbsp;خارج منتقل می&amp;zwnj;کنند. از این گذشته به نحو فزاینده&amp;zwnj;ای به بودا اعتقاد پیدا می&amp;zwnj;کنند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;در یک سال گذشته دولت&amp;nbsp;چین برای&amp;nbsp;امنیت داخلی بیشتر خرج کرده تا&amp;nbsp;برای امنیت خارجی&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt; اما عواقب&amp;nbsp;این که چینی ها با خواندن توکویل چشم و گوش&amp;zwnj;شان به بحران خودشان&amp;nbsp;&amp;nbsp;باز شده، برای حزب چه خواهد بود؟ در حال حاضر نشانه&amp;zwnj;ای از این که&amp;nbsp;حال &amp;nbsp;جامعه&amp;nbsp;مدنی بیشتر حمایت شود، به چشم نمی&amp;zwnj;خورد&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; .&lt;/span&gt;البته از سیاست اصلاحی نیز&amp;nbsp;نکاسته&amp;zwnj;اند&amp;nbsp;تا به سرکوب مطلق&amp;nbsp;روی آورند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;عجالتا و ظاهرا، دفترسیاسی جدید حزب می&amp;zwnj;خواهد از روحیه تکنوکراتیک دفتر سابق فاصله بگیرد. البته&amp;nbsp;&amp;nbsp;منظور&amp;nbsp;شان لیبرالیزه کردن به&amp;nbsp;معنی غربی&amp;nbsp;نیست، بیشتر دنبال کسب مجدد وجهه اخلافی&amp;nbsp; حزب&amp;zwnj;اند&amp;nbsp;که&amp;nbsp;مخدوش شده است&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;نظرات عجیب&lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;&amp;nbsp;رهبر جدید&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;چکیده مواضع &amp;quot;شی جین پینگ&amp;quot; رهبر جدید حزب به این قرار است: از نظرات سختگیرانه&amp;zwnj;ای مانند جدل علیه &amp;quot;نیهیلیسم تاریخی&amp;quot; اتحاد شوروی گرفته تا اقدامات سمبلیکی چون سخنرانی آتشین&amp;zwnj; علیه بی&amp;zwnj;محتوایی گفته&amp;zwnj;ها و شیوه زندگی مقامات و اعلان جنگ به فساد درون حزبی&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt; او در این زمینه حتی&amp;nbsp;از اصطلاح &amp;quot;منافع&amp;nbsp;پنهان&amp;quot; استفاده کرد که توسط&amp;nbsp; تبعیدیان به کار می رود، تا بگوید دژ این منافع &amp;nbsp;را باید ویران ساخت.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;او حتی زیر این توافق ضمنی می&amp;zwnj;زند که نام حزب تنها یک نماد خشک و خالی است. یک بار به مناسبتی گفت: &amp;quot;رویای چینی یک آرمان است. ولی به عنوان کمونیست ما طبیعتا باید آرمان والاتری داشته باشیم و آن آرمان کمونیسم است&amp;quot;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;اما او هیچ اشاره&amp;zwnj;ای به این نمی&amp;zwnj;کند که این همه مواضع و&amp;nbsp;خواسته&amp;zwnj;ها در کدام نقطه بهم می&amp;zwnj;رسند و یک کاسه می&amp;zwnj;شوند. چگونه&amp;nbsp;حزبی که سلطه واقعی آن با منافع اقتصادی&amp;nbsp;گردانندگانش پیوند دارد، می&amp;zwnj;تواند با همت و توان خودش، خود را از&amp;nbsp; منجلاب بیرون بکشد؟&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;در هنگامی که رسانه&amp;zwnj;های دولتی مدام از موارد مکشوفه رشوه&amp;zwnj;خواری خبر می&amp;zwnj;دهند، دهان روزنامه&amp;zwnj;ها و روشنفکرانی بسته می&amp;zwnj;شود که دم را غنیمت می&amp;zwnj;شمارند تا مردم را&amp;nbsp;به احترام به&amp;nbsp;حق آزادی بیان و عقیده مندرج در قانون اساسی&amp;nbsp;متوجه سازند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;آخرین نکته عجیب کتاب توکویل این نقطه نظر بود که انقلاب فرانسه&amp;nbsp;در دومین مرحله خود، &amp;nbsp;دوباره همان&amp;nbsp;نهادهای رژیم ساقط شده را زنده کرده است. همان نهادهایی که با آنها می&amp;zwnj;شد &amp;quot;مردم را از هم جدا&amp;nbsp;و مطیع و حرف&amp;zwnj;شنو &amp;quot; کرد. با این حال در مورد توکویل اصلا نمی&amp;zwnj;شد تشخیص&amp;nbsp;داد که آیا او با اوضاع نابسامان دولت قبل از انقلاب سر و کار داشت یا با&amp;nbsp;اوضاع انقلاب.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;منبع: &lt;em&gt;&lt;a href=&quot;http://www.faz.net/aktuell/feuilleton/das-politbuero-liest-tocqueville-steht-china-vor-einer-revolution-12058139.html&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;FAZ&lt;/span&gt;&lt;/a&gt;&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2013/03/12/24650#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%D8%A7%DA%A9%D8%A8%D8%B1-%D9%81%D9%84%D8%A7%D8%AD%E2%80%8C%D8%B2%D8%A7%D8%AF%D9%87">اکبر فلاح‌زاده</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/politics">گوی سیاست</category>
 <pubDate>Tue, 12 Mar 2013 10:16:19 +0000</pubDate>
 <dc:creator>politics</dc:creator>
 <guid isPermaLink="false">24650 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>دیپلماسی پینگ‌پنگ، دیپلماسی کشتی</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2013/02/23/24762</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/politics/2013/02/23/24762&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-text field-field-nevisandeh&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    اکبر فلاح‌زاده        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-maghaleh-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_maghaleh_image&quot; width=&quot;506&quot; height=&quot;327&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/ahmad.jpg?1361653954&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;اکبر فلاح&amp;zwnj;زاده &amp;ndash; رقابت&amp;zwnj;های جام جهانی کشتی در تهران به پایان رسید. به گزارش خبرگزاری&amp;zwnj;های دولتی &amp;quot;دلاور مردان&amp;quot; جمهوری اسلامی آمریکایی&amp;zwnj;ها را سر دست بلند کردند و به زمین کوبیدند. روس&amp;zwnj;ها را هم در کشتی آزاد شکست دادند و &amp;quot;قهرمان جهان&amp;quot; شدند.&lt;/p&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;این قهرمانی در مقابل کشورهایی که پشت میز مذاکره ۱+۵ باید با آنها کشتی گرفت، فرصت مغتنمی بود تا سیاستمداران چند لحظه&amp;zwnj; هم که شده از انزوا در آیند و به قیمت همت و غیرت ورزشکاران، بر روی سکو و در معرض دید قرار گیرند و جلوه بفروشند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;اولین کسی که این فرصت را قاپید و به میدان پرید، احمدی&amp;zwnj;نژاد بود. اصولا ورزشکاران احمدی&amp;zwnj;نژاد را شوم می&amp;zwnj;دانند. نشان به آن نشان که چند سال پیش ورودش به استادیوم منجر به باخت تیم ملی فوتبال شد. مردم مدت&amp;zwnj;ها او را به خاطر باخت تیم ملی فوتبال لعن و نفرین می&amp;zwnj;کردند. به ویژه تماشاگران مسابقات ورزشی به انحاء مختلف از احمدی&amp;zwnj;نژاد خواهش می&amp;zwnj;کردند که هر جا می&amp;zwnj;رود برود، فقط هنگام مسابقه طرف ورزشگاه آفتابی نشود. اما احمدی&amp;zwnj;نژاد که خود را منتخب ملت می&amp;zwnj;داند، بیدی نیست که از این بادها بلرزد.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;عکس یادگاری با کشتی&amp;zwnj;گیران و مربیان آمریکایی&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;او همین چند روز پیش هنگام مسابقات جهانی کشتی فرنگی در تهران هم منتظر بود که ببیند نتیجه مسابقات چگونه است، تا در صورت پیروزی وارد ورزشگاه شود. ولی وقتی به او خبر دادند که سنبه روس&amp;zwnj;ها در کشتی فرنگی پر زور است، راهش را کج کرد و نیامد.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;در فینال مسابقات کشتی آزاد هم منتظر و گوش به زنگ ماند و به محض این&amp;zwnj;که خبردار شد پیروزی تیم ایران مسجل و برگشت&amp;zwnj;ناپذیر، فورا شال و کلاه کرد و با چند نفر از وزیران از راهرو جایگاه مخصوص وارد ورزشگاه شد تا سهمی از پیروزی را نصیب خود کند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;احمدی&amp;zwnj;نژاد در عین حال کوشید با گرفتن&amp;quot;عکس یادگاری&amp;quot; با کشتی&amp;zwnj;گیران و مربیان آمریکایی یک بار دیگر به آمریکایی&amp;zwnj;ها چشمک و چراغ بزند. او همین چندی پیش در آخرین سفر به نیویورک پنج بار خواهان مذاکره با آمریکا شده بود.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;img alt=&quot;&quot; src=&quot;/sites/default/files/%25b%25f/userfiles/%25u/1077322-1982482.jpg&quot; style=&quot;width: 180px; height: 120px; float: right;&quot; /&gt;ا&lt;span dir=&quot;RTL&quot;&gt;حمدی&amp;zwnj;نژاد در &lt;/span&gt; فینال مسابقات کشتی آزاد منتظر و گوش به زنگ ماند و به محض این&amp;zwnj;که خبردار شد پیروزی تیم ایران مسجل شده، شال و کلاه کرد و با چند نفر از وزرا از جایگاه مخصوص وارد ورزشگاه شد تا سهمی از این پیروزی را نصیب خود کند. او در عین حال کوشید با گرفتن عکس یادگاری با &lt;span dir=&quot;RTL&quot;&gt;کشتی&amp;zwnj;گیران و مربیان آمریکایی یک بار دیگر به آمریکایی&amp;zwnj;ها چشمک و چراغ بزند. &lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;با چنین زمینه&amp;zwnj;ای و با توجه به فشار شدید تحریم&amp;zwnj;ها، روشن است که از فرصت حضور آمریکایی&amp;zwnj;ها در تهران بیشترین بهره&amp;zwnj;برداری می&amp;zwnj;شود. به ویژه که حذف ورزش کشتی از بازی&amp;zwnj;های المپیک به &amp;quot;درد مشترک &amp;quot; کشتی&amp;zwnj;گیران تبدیل شده و سیاستمداران با وجود اختلافات فراوان در همه زمینه&amp;zwnj;ها، این نقطه کوچک &amp;quot;اشتراک&amp;quot; را غنیمت می&amp;zwnj;شمرند و از هر گونه پیشنهاد همکاری در این زمینه حمایت می&amp;zwnj;کنند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;دیپلماسی پینگ&amp;zwnj;پنگ&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;آمریکا و چین در دهه هفتاد میلادی به بهانه مسابقات پینگ&amp;zwnj;پنگ با هم مذاکره کردند. لابی مذاکره ایران و آمریکا نیز انتظار دارد در کنار امکانات و دستاویزهای گوناگون پنهان و نهان، از کشتی هم مثل پینگ&amp;zwnj;پنگ اسباب مذاکره و رابطه فراهم کند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;استفاده از ورزش و ورزشکاران برای رابطه سیاسی کار امروز و دیروز نیست و سابقه&amp;zwnj;ای طولانی دارد. چنانچه گفته شد، یک مورد آن در دهه هفتاد میلادی به رابطه چین و آمریکا مربوط می&amp;zwnj;شود که به خاطر استفاده از مسابقات پینگ&amp;zwnj;پنگ به &amp;quot;دیپلماسی پینگ&amp;zwnj;پنگ&amp;quot; معروف شده است.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;بانی این دیپلماسی چوئن لای نخست وزیر وقت چین و هنری کیسینجر وزیر خارجه وقت آمریکا بودند. بعد از انقلاب چین در سال ١٩٤٩، چینی&amp;zwnj;ها در جنگ کره و در پی آن جنگ ویتنام مقابل آمریکا قرار گرفتند. آمریکا از به رسمیت شناختن دولت کمونیست چین خودداری می&amp;zwnj;کرد و تایوان را نماینده آن می&amp;zwnj;دانست. چینی&amp;zwnj;ها هم از زبان مائو آمریکا را &amp;quot;ببر کاغذی&amp;quot; خوانده و به نابودی &amp;quot;امپریالیسم آمریکا&amp;quot; فراخوان می&amp;zwnj;دادند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;روابط خصمانه چین و آمریکا ادامه یافت تا آن که برخی رویدادها از جمله &amp;quot;انقلاب فرهنگی&amp;quot; چین در سال&amp;zwnj;های پایانی دهه هفتاد شکاف در رهبری و اغتشاش در سیاست&amp;zwnj;های آن کشور را آشکار کرد. هم&amp;zwnj;زمان اختلافات چین با شوروی به اوج خود رسید و کار به قشون&amp;zwnj;کشی به مرزها و پاره&amp;zwnj;ای درگیری&amp;zwnj;های نظامی (از جمله برخورد نظامی سال ۱۹۶۹ در سین&amp;zwnj;کیانگ) کشید.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;چینی&amp;zwnj;ها در این زمان به دلایل مختلف، از جمله نیاز به پیدا کردن متحدی در مبارزه با شوروی و برای ایجاد موازنه با دو ابر قدرت، کوشیدند به آمریکا نزدیک شوند. آمریکا نیز در زمان نیکسون به علت گرفتاری در ویتنام از برقراری رابطه با چین استقبال کرد.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;به ویژه آن که گفتگوهای معروف به &amp;quot;گفتگوهای ورشو&amp;quot; دردهه قبل از آن شکست خورده بود. این بود که برگزاری مسابقات تنیس روی میز (پینگ&amp;zwnj;پنگ) در شهر ناگویای ژاپن در سال ١٩٧١ را غنیمت شمردند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;در این مسابقات، یک بازیکن آمریکایی به نام گلن کوان و یک پینگ&amp;zwnj;پنگ باز چینی به نام ژوانگ تسدونگ با هم دوست شدند. در پی آن رئیس فدراسیون پینگ&amp;zwnj;پنگ چین تیم آمریکا را به پکن دعوت کرد. چوئن لای اظهار امیدواری نمود که این سفر فصل تازه&amp;zwnj;ای در روابط دو کشور بگشاید. متعاقب آن کیسینجر وزیر خارجه آمریکا به چین سفر کرد و به این ترتیب مقدمه دیدار رسمی نیکسون از چین در فوریه ١٩٧٢ فراهم شد.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;دیپلماسی کشتی&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;حال چیزی شبیه این دیپلماسی را در مورد کشتی و رابطه جمهوری اسلامی و آمریکا مشاهده می&amp;zwnj;کنیم. کشتی&amp;zwnj;گیران در مراسم افتتاحیه چهل و یکمین دوره پیکارهای جام جهانی کشتی آزاد، پس از رژه،دست به دست هم دادند و نمایندگان تیم&amp;zwnj;های برتر جهان از جمله ایران، روسیه و آمریکا پوستر بزرگی را به دست گرفتند که روی آن به فارسی و انگلیسی شعار &amp;quot;المپیک بدون کشتی؟ هرگز، هرگز&amp;quot; نوشته شده بود.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;img alt=&quot;&quot; src=&quot;/sites/default/files/%25b%25f/userfiles/%25u/topelement.jpg&quot; style=&quot;width: 180px; height: 148px; float: right;&quot; /&gt;دیپلماسی پینگ&amp;zwnj;پنگ با چین و دیپلماسی کشتی با جمهوری اسلامی هر چند در مواردی به هم شبیه هستند، اما چند فرق اساسی هم با یکدیگر دارند. فرق بزرگ آنها، فرق فیل و فنجان است. در دیپلماسی پینگ&amp;zwnj;پنگ پای دو ابر قدرت در میان بود، اما در دیپلماسی کشتی، یک ابر قدرت با یک قدرت منطقه&amp;zwnj;ای طرف است. یک فرق دیگر تعدد مراکز قدرت و نق و نوق&amp;zwnj;های جمهوری اسلامی علی&amp;zwnj;رغم میل و نیاز شدیدش به مذاکره است.&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;quot;میچ هال&amp;quot; مدیر تیم&amp;zwnj;های ملی کشتی آمریکا نیز گفت: &amp;laquo;ما با همکاری نزدیک ایران و روسیه و بسیاری از کشورهای دیگر در مقابل حذف کشتی از بازی&amp;zwnj;های المپیک خواهیم ایستاد.&amp;raquo;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;وی افزود: این حرکت واقعا می&amp;zwnj;تواند تأثیرگذار باشد چون ما هر چند از نظر سیاسی در یک سو نیستیم، اما در ورزش کشتی بدون تردید همه با هم خواهیم بود و ایران را یکی از متحدان قدرتمند خود در ورزش کشتی می&amp;zwnj;دانیم.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;میچ هال گفت: &amp;laquo;اطمینان داریم که می&amp;zwnj;توانیم با فدراسیون کشتی ایران همکاری کنیم. کشتی&amp;zwnj;گیران ایرانی و مردم ایران به جهان نشان خواهند داد که بدون توجه به مسایل سیاسی، همه ما یک هدف، باور و علاقه مشترک به ورزش کشتی داریم.&amp;raquo;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;او با بیان اینکه ایجاد رابطه بین تیم&amp;zwnj;های کشتی ایران و آمریکا دشوار است، تصدیق کرد که مسابقاتی مثل جام جهانی، معمولا رفاقت و دوستی را که برای این رشته لازم است، بیشتر می&amp;zwnj;کند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;این اظهار لطف&amp;zwnj;ها و مراتب دوستی و همدلی فقط روی کاغذ نماند و به دعوت متقابل از تیم ایران برای سفر به آمریکا هم کشید. به گزارش خبرگزاری&amp;zwnj;ها در حاشیه جام جهانی کشتی آزاد در تهران، مسئولان فدراسیون کشتی آمریکا شفاها از فدراسیون کشتی ایران دعوت کردند تا تیم ملی ایران در تورنمنت تایمز اسکوئر (میدان تایمز) نیویورک در سه ماه آینده شرکت کند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;آخرین حضور تیم ملی کشتی ایران در آمریکا به مسابقات جهانی ۲۰۰۳ بر می&amp;zwnj;گردد. هر ساله یک تورنمنت کشتی در میدان تایمز نیویورک و در فضای باز برگزار می&amp;zwnj;شود که مردم عادی برای تماشای مسابقات در این میدان جمع می&amp;zwnj;شوند. در دو سال گذشته تیم ملی روسیه به این مسابقات دعوت شده است.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;هم&amp;zwnj;چنین ویکتوریا نولند سخنگوی وزارت خارجه آمریکا نیز از &amp;quot;رفتارهای جوانمردانه ورزشکاران ایرانی و آمریکایی&amp;quot; و صحنه&amp;zwnj;های &amp;quot;دست دادن آنها با یکدیگر&amp;quot; اظهار خرسندی نمود و خواهان مذاکرات دوجانبه دو کشور در مذاکرات قزاقستان شد.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;دیپلماسی پینگ&amp;zwnj;پنگ با چین و دیپلماسی کشتی با جمهوری اسلامی هر چند در مواردی به هم شبیه هستند، اما چند فرق اساسی هم با یکدیگر دارند. فرق بزرگ آنها، فرق فیل و فنجان است. در دیپلماسی پینگ&amp;zwnj;پنگ پای دو ابر قدرت در میان بود، اما در دیپلماسی کشتی، یک ابر قدرت با یک قدرت منطقه&amp;zwnj;ای طرف است. یک فرق دیگر تعدد مراکز قدرت و نق و نوق&amp;zwnj;های جمهوری اسلامی علی&amp;zwnj;رغم میل و نیاز شدیدش به مذاکره است.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;در حالی که جان کری وزیر خارجه آمریکا صریحا خواهان مذاکره دو کشور شده، رهبر جمهوری اسلامی بر خلاف رئیس جمهور و وزیر خارجه جمهوری اسلامی، دبه در آورده که &amp;quot;ما رابطه با آمریکا را برای چه می&amp;zwnj;خواهیم&amp;quot;.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;تمام شواهد حاکی از آن است که جمهوری اسلامی نیز به رغم مخالفت&amp;zwnj;های رهبر آن، موافق مذاکره است. اشکال فقط بر سر دکان &amp;quot;مرگ بر آمریکا&amp;quot; است که جهت مصرف داخلی، مصلحت نمی&amp;zwnj;بینند آن را تخته و نان خیلی&amp;zwnj;ها را آجر کنند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;جمهوری اسلامی رابطه با آمریکا را با دست پس می&amp;zwnj;زند و با پا پیش می&amp;zwnj;کشد.&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2013/02/23/24762#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%D8%A2%D9%85%D8%B1%DB%8C%DA%A9%D8%A7">آمریکا</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/11966">المپیک</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%D8%A7%DA%A9%D8%A8%D8%B1-%D9%81%D9%84%D8%A7%D8%AD%E2%80%8C%D8%B2%D8%A7%D8%AF%D9%87">اکبر فلاح‌زاده</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/19518">ببرکاغذی</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/19515">پینگ‌پنگ</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/19517">چوئن لای</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/1797">کشتی</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/19516">کیسینجر</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/politics">گوی سیاست</category>
 <pubDate>Sat, 23 Feb 2013 21:12:34 +0000</pubDate>
 <dc:creator>politics</dc:creator>
 <guid isPermaLink="false">24762 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>تبعات ناخوشایند سیاست تک‌فرزندی چین</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/science/2013/01/16/23684</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/science/2013/01/16/23684&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-text field-field-nevisandeh&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    برینا دراکسلر (Breanna Draxler)        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div class=&quot;field field-type-text field-field-motarjem&quot;&gt;
      &lt;div class=&quot;field-label&quot;&gt;برگردان:&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    احسان سنایی	        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-maghaleh-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_maghaleh_image&quot; width=&quot;300&quot; height=&quot;200&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/ocp-1.jpg?1358403761&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;برینا دراکسلر - سیاست تک&amp;zwnj; فرزندی کشور چین، با گذشت حدود چهار دهه از تصویب&amp;zwnj; آن، امروزه موفق شده تا نرخ رشد جمعیت شلوغ&amp;zwnj;ترین کشور دنیا را به&amp;zwnj;خوبی کنترل کند؛ اما از طرفی هم راه به برهم&amp;zwnj;خوردگی&amp;nbsp; تعادل سنی و جنسی جمعیت چین برده است.&lt;/p&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;سیاست تک&amp;zwnj;فرزندی دولت چین، اگرچه آثار بی&amp;zwnj;ثباتی اجتماعی و اقتصادی را از جمعیت سرسام&amp;zwnj;آور این کشور زدوده، ولی در سطوح فردی، به ظهور مشکلاتی انجامیده که انتظارش نمی&amp;zwnj;رفت. یک نسل کامل از چینی&amp;zwnj;ها یکی&amp;zwnj;یک&amp;zwnj;دانه&amp;zwnj;اند و لوس. تحول اجتماعی ناشی از این امر، اصطلاحاً &amp;laquo;اثر فرمانروای کوچک&amp;raquo; (&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Little Emperor Effect&lt;/span&gt;) نامیده می&amp;zwnj;شود و پژوهش&amp;zwnj;گران نیز هم&amp;zwnj;اینک آثار منفی این پدیده را طی گزارشی که همین هفته در نشریه علمی &lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Science&lt;/span&gt; انتشار یافته، بررسی کرده&amp;zwnj;اند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;این پژوهش&amp;zwnj;گران، ۴۲۱ نفر از اهالی شهر بیجینگ را که از سال ۱۹۷۹ میلادی پیوسته مشمول این قانون بوده، انتخاب کردند. سپس آن&amp;zwnj;ها به دو دسته تقسیم شدند: یکی کسانی که چند سالی مانده به تصویب این قانون متولد شده بودند، و یکی هم افرادی که سن&amp;zwnj;شان چندسالی کمتر از تصویب قانون تک&amp;zwnj;فرزندی بود. بنابراین، افرادْ همه تقریباً سن و سال مشابهی داشتند، اما در زمینه&amp;zwnj;های اجتماعی &amp;nbsp;کاملاً متفاوتی بار آمده بودند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;شرکت&amp;zwnj;کنندگان، همه در چهار بازی مختلف گروهی حاضر شدند که به پژوهش&amp;zwnj;گران امکان می&amp;zwnj;داد رفتارهایی از قبیل نوع&amp;zwnj;دوستی را به نحوی مجزا بررسی کنند. نتایج، حکایت از اختلاف بارزی بین رفتارهای دو گروه می&amp;zwnj;کرد.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;یک بازی، مشخصاً به تحلیل اعتماد فی&amp;zwnj;مابین اختصاص داشت. به نفر اول مقداری پول داده می&amp;zwnj;شد و او می&amp;zwnj;توانست آن را یا نگه دارد و یا اینکه بخشی از آن را به هم&amp;zwnj;بازی&amp;zwnj;اش قرض بدهد. اگر قرض می&amp;zwnj;داد، دو برابر &amp;nbsp;آنچه داده بود را دوباره می&amp;zwnj;گرفت و نفر دوم هم می&amp;zwnj;توانست قدری از پول دریافتی را به اولی برگردانَد. شرکت&amp;zwnj;کنندگان نسل دوم، چه در جایگاه نفر اول و چه دومی حاضر می&amp;zwnj;شدند، پول کمتری قرض می&amp;zwnj;دادند و لذا در مجموع اعتماد کمتری به دیگران داشتند و به همین&amp;zwnj;نحو، کمتر هم می&amp;zwnj;شد به آن&amp;zwnj;ها اعتماد کرد. در بقیه بازی&amp;zwnj;ها هم جرأت ریسک و رقابت به خود نداده، و غالباً رفتاری بدبینانه و گاه حتی عصبی از خودشان بروز می&amp;zwnj;دادند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;به&amp;zwnj;گفته پژوهش&amp;zwnj;گران، تربیت والدین نقش عمده&amp;zwnj;ای در صورت&amp;zwnj;بندی این رفتارهای اجتماعی دارد، اما در نبود فرزندان بیشتر، آن&amp;zwnj;ها گزینه&amp;zwnj;های کمتری هم برای آموزش مهارت&amp;zwnj;های اجتماعی نظیر تعاون دارند. آن&amp;zwnj;ها هشدار داده&amp;zwnj;اند اگر شخصیت یک نسل &amp;nbsp;کامل از چینی&amp;zwnj;ها به سمت خودپسندی و انزوا متمایل شود، این موضوع تبعات قابل توجهی برای جامعه چین خواهد داشت.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;با این حساب، آثار سیاست تک&amp;zwnj;فرزندی، به همان اندازه که کمیت بچه&amp;zwnj;ها را تغییر داده&amp;zwnj;، بر کیفیت&amp;zwnj;شان هم مؤثر بوده است.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;منبع: &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;http://blogs.discovermagazine.com/80beats/2013/01/11/the-unforeseen-social-effects-of-chinas-one-child-policy/?utm_source=feedburner&amp;amp;utm_medium=feed&amp;amp;utm_campaign=Feed%3A+80beats+%2880beats%29#.UPDxe6yOvTo&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Discover&lt;/span&gt;&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;در همین زمینه:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;a href=&quot;http://www.radiozamaneh.com/science/2011/10/24/7853&quot;&gt;برای هفت میلیارد انسان&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;strong&gt;توضیح تصویر:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;عکس از &lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Hung Chung Chih&lt;/span&gt; / &lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Shutterstock&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/science/2013/01/16/23684#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/18582">اثر فرمانروای کوچک</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%D8%A7%D8%AD%D8%B3%D8%A7%D9%86-%D8%B3%D9%86%D8%A7%DB%8C%DB%8C">احسان سنایی</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/18581">بیجینگ</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/18580">سیاست تک‌فرزندی</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/science">دانش</category>
 <pubDate>Wed, 16 Jan 2013 18:50:06 +0000</pubDate>
 <dc:creator>arezoo</dc:creator>
 <guid isPermaLink="false">23684 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>آمار کشته‌شدگان زلزله چین به ۸۹ تن رسید </title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/news/world/2012/09/08/19387</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/news/world/2012/09/08/19387&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-article-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_article_image&quot; width=&quot;250&quot; height=&quot;159&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/download_20.jpg?1347119167&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;رسانه&amp;zwnj;های دولتی چین گزارش دادند، امدادگران در جنوب غربی این کشور که زلزله&amp;zwnj;های پی در پی در آن دست کم ۸۹ کشته به جا گذاشته است، سعی کرده&amp;zwnj;اند به دورترین مناطق زلزله&amp;zwnj;زده دسترسی پیدا کنند.&lt;/p&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;خبرگزاری رویترز به نقل از خبرگزاری چینی &amp;quot;شینهوا&amp;quot; گزارش داد که آمار کشته شدگان زلزله&amp;zwnj;های خفیف ۶. ۵ ریشتری روز گذشته، جمعه هفت سپتامبر (۱۷ شهریور) در این منطقه فقیرنشین و کوهستانی چین که از سستی زیربنای خانه&amp;zwnj;ها و ضعف خطوط ارتباطی رنج می&amp;zwnj;برد، رو به افزایش است.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;پس از وقوع این زلزله&amp;zwnj;ها که منجر به ویرانی بیش از ۶۶۰۰ خانه و هزاران ساختمان شده است، بیش از ۲۰۰ هزار نفر از ساکنان استان یوننان چین به مناطق دیگر نقل مکان کردند. حدود ۷۴۰ هزار نفر در شش بخش از این استان بیشتر در معرض آسیب این زلزله&amp;zwnj;ها قرار گرفته&amp;zwnj;اند&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;زلزله&amp;zwnj;های روز جمعه منجر به قطعی برق و ریزش خاکی شده که جاده&amp;zwnj;ها را مسدود و عملیات نجات را مختل کرده است. از دیگر دشواری&amp;zwnj;هایی که امدادگران با آن مواجه بوده&amp;zwnj;اند، بارندگی است که طبق پیش&amp;zwnj;بینی&amp;zwnj;های هواشناسی در سه روز آینده نیز ادامه خواهد یافت.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;تلویزیون دولتی چین نیز تصاویری از دیوارهای فروریخته و جاده&amp;zwnj;هایی را که در اثر ریزش خاک و سنگ مسدود شده&amp;zwnj;اند پخش کرده است.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;پس از وقوع این زلزله&amp;zwnj;ها که منجر به ویرانی بیش از ۶۶۰۰ خانه و هزاران ساختمان شده است، بیش از ۲۰۰ هزار نفر از ساکنان استان یوننان چین به مناطق دیگر نقل مکان کردند. حدود ۷۴۰ هزار نفر در شش بخش از این استان بیشتر در معرض آسیب این زلزله&amp;zwnj;ها قرار گرفته&amp;zwnj;اند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;بنا به گزارش خبرگزاری دولتی چین و مقامات محلی، در استان گویزو که در مجاورت یوننان قرار گرفته، بیش از ۱۱۷۰۰خانه ویران شده و حدود ۲۸هزار نفر امکانات زندگی کردن را از دست داده&amp;zwnj;اند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;اغلب بناها در مناطقی از چین که کمتر توسعه یافته&amp;zwnj;اند، بی توجه به استانداردهای ساختمانی ساخته می&amp;zwnj;شوند و این باعث می&amp;zwnj;شود که در مقابل زلزله مقاومت زیادی نشان ندهند.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;به گزارش خبرگزاری شینهوا، زلزله&amp;zwnj;های روز گذشته بیش از ۸۰۰ نفر مجروح به جا گذاشته است.&lt;/p&gt;
&lt;p dir=&quot;RTL&quot;&gt;بیشتر قربانیان این زلزله&amp;zwnj;ها از ساکنان بخش ییلیانگ استان یوننان چین بوده&amp;zwnj;اند که به مرکز زلزله بسیار نزدیک بوده است.&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/news/world/2012/09/08/19387#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/5147">اخبار جهان</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/1728">زلزله</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/world">اخبار جهان</category>
 <pubDate>Sat, 08 Sep 2012 10:45:50 +0000</pubDate>
 <dc:creator>Maryam</dc:creator>
 <guid isPermaLink="false">19387 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>چین مجری توسعه صنعت فولاد ایران</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/08/13/18298</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/08/13/18298&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-text field-field-nevisandeh&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    حمید مافی        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-maghaleh-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_maghaleh_image&quot; width=&quot;600&quot; height=&quot;388&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/foolad.jpg?1345320180&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;حمید مافی &amp;minus; دولت احمد&amp;zwnj;ی&amp;zwnj;نژاد تصمیم گرفته است که هشت طرح بزرگ فولادی را به شرکت&amp;zwnj;های چینی واگذار کند. آن گونه که پایگاه&amp;zwnj;های اینترنتی وابسته به انجمن صنایع فولادی ایران گزارش داده&amp;zwnj;اند، واگذاری این طرح&amp;zwnj;ها پیش از این در هیئت دولت و سازمان خصوصی&amp;zwnj;سازی ایران به تصویب رسیده اما بنا به دلایلی اعلام نشده تا به امروز به تأخیر افتاده است.&lt;/p&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;مهرماه سال گذشته روزنامه &amp;quot;اعتماد&amp;quot; در گزارشی به وضعیت مبهم این هشت طرح بزرگ فولادی کشور پرداخت و نوشت: &amp;quot;علیرغم اعلام دولت، شرکت&amp;zwnj;های چینی حاضر به خرید این هشت طرح&amp;zwnj; بزرگ نیستند. آنچه که چینی&amp;zwnj;ها را از مشارکت در این پروژه&amp;zwnj;ها بازداشته بود، مشکلات مالی و عدم تعهد دولت به کمک مالی به هشت طرح بزرگ بود که مقدمات آن در نخستین سال آغاز به کار دولت احمدی&amp;zwnj;نژاد فراهم شده است. &amp;quot;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;دولت احمدی&amp;zwnj;نژاد در سال ۱۳۸۴ اعلام کرد که به منظور توسعه طرح خودکفایی در صنایع فولادی کشور، هشت طرح بزرگ را در دستور کار قرار می&amp;zwnj;دهد. همان زمان کار&amp;zwnj;شناسان صنایع فولادی کشور، نسبت به غیرکار&amp;zwnj;شناسی بودن این طرح&amp;zwnj;ها هشدار دادند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;خرداد ماه امسال، ایران یک قرارداد ساخت سد با یک شرکت چینی را به حالت تعلیق درآورد. این قرارد داد دو میلیارد دلاری به دلیل تاخیر شرکت چینی در اجرای آن به صورت یک طرفه از سوی ایران لغو شد. آن گونه که مقام&amp;zwnj;های ایرانی اعلام کرده&amp;zwnj;اند، ارزش قراردادهای شرکت&amp;zwnj;های چینی با ایران، به بیش از ۵۰۰ میلیارد دلار می&amp;zwnj;رسد. اما هیچ یک از این قرارداد&amp;zwnj;ها در موعد مقرر به بهره برداری نرسیده است. شرکت&amp;zwnj;های چینی مجری طرح&amp;zwnj;های توسعه در پروژه&amp;zwnj;های &amp;laquo;یادآوران&amp;raquo;، &amp;laquo;پارس جنوبی&amp;raquo;، پارس شمالی &amp;laquo;، آزادگان جنوبی&amp;raquo;، &amp;laquo;آزادگان شمالی&amp;raquo; و &amp;laquo;فاز دوم طرح ایران ال ان جی&amp;raquo; هستند. بر اساس گزارش پایگاه خبری نفت نیوز، حداقل میزان تاخیر چینی&amp;zwnj;ها در این پروژه&amp;zwnj;ها، ۱۱ درصد است و برخی از این قرارداد&amp;zwnj;ها هنوز به مرحله اجرایی نرسیده است.&lt;/div&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;حال وزیر صنعت، معدن و تجارت اعلام کرده است که پس از سفر مقام&amp;zwnj;های چینی به ایران و مذاکرات صورت گرفته، شرکت&amp;zwnj;های چینی اجرای هفت طرح را پذیرفته&amp;zwnj;اند. مهدی غضنفری در باره جزئیات اجرای این طرح&amp;zwnj;ها از سوی شرکت&amp;zwnj;های چینی توضیح بیشتری نداده است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;غیبت بخش خصوصی ایران&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;غضنفری در حالی از نهایی شدن قرارداد با شرکت&amp;zwnj;های چینی خبر داده است که مدیران صنعت فولاد کشور از آمادگی بخش خصوصی کشور برای اجرای حداقل یکی از هشت طرح بزرگ فولادی کشور خبر داده است. اما عزیز اکبریان، عضو کمیسیون صنایع و معادن مجلس گفته است: &amp;quot;متاسفانه بخش خصوصی کشور ضعیف است و برای بهره&amp;zwnj;برداری درست از این فرصت&amp;zwnj;ها چاره&amp;zwnj;ای جز استفاده از شرکت&amp;zwnj;هایی از جمله چینی&amp;zwnj;ها که توان انجام این کار را دارند نیست. &amp;quot;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;اکبریان در حالی از واگذاری این طرح&amp;zwnj;ها دفاع کرده است که پیش از این، مقام&amp;zwnj;های دولتی ایران از توانمندی بخش خصوصی برای رقابت با شرکت&amp;zwnj;های بزرگ بین المللی خبر داده&amp;zwnj;اند. اما سیاست&amp;zwnj;های خصوصی سازی در ایران، در سال&amp;zwnj;های گذشته همواره مورد انتقاد کار&amp;zwnj;شناسان بوده است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;آنچه به عنوان اصل ۴۴ و خصوصی سازی در ایران به اجرا درآمده، شبه خصوصی سازی است. سیاست&amp;zwnj;های خصوصی&amp;zwnj;سازی در ایران به تقویت بنیادهای اقتصادی وابسته به نهادهای نظامی و دینی انجامیده است. هم اکنون بنا بر گزارش منابع مستقل، بیش از ۶۰ درصد اقتصاد ایران در اختیار بنیادهای نظامی و شبه نظامی است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;در همین حال، علی علی لو، عضو دیگر کمیسیون صنایع و معادن مجلس از ابهام در واگذاری این پروژه&amp;zwnj;ها، انتقاد کرده و گفته است: &amp;quot;هشت طرح بزرگ فولادی فرصت بزرگی بوده و هست که باید در اختیار بخش خصوصی قرار می&amp;zwnj;گرفت و دولت باید در خصوص واگذاری این طرح&amp;zwnj;ها به شرکت&amp;zwnj;های چینی به مجلس گزارش ارائه کند&amp;quot;.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;آنچه به عنوان اصل ۴۴ و خصوصی سازی در ایران به اجرا درآمده، شبه خصوصی سازی است. سیاست&amp;zwnj;های خصوصی&amp;zwnj;سازی در ایران به تقویت بنیادهای اقتصادی وابسته به نهادهای نظامی و دینی انجامیده است. هم اکنون بنا بر گزارش منابع مستقل، بیش از ۶۰ درصد اقتصاد ایران در اختیار بنیادهای نظامی و شبه نظامی است.&lt;/div&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;عباس وطن پرور، رئیس اتحادیه کارخانجات تولید کننده لوله و پروفیل ایران هم به روزنامه &amp;quot;دنیای اقتصاد&amp;quot; گفته است که &amp;nbsp;&amp;quot;اتحادیه لوله و پروفیل مدت&amp;zwnj;ها است برای بهینه سازی خطوط فولادی و خرید کارخانه&amp;zwnj;ها اعلام آمادگی کرده، اما متاسفانه مخالفت&amp;zwnj;هایی در بدنه وزارتخانه وجود دارد که اجازه شفاف سازی در این خصوص داده نمی&amp;zwnj;شود. &amp;quot;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;به گفته او، به دلیل انحصار دولت در صنایع فولادی و غیر شفاف بودن قوانین این بخش، امکان حضور بخش خصوصی در صنایع فولادی وجود نداشته است. اما حضور چینی&amp;zwnj;ها در طرح&amp;zwnj;های فولادی در شرایط کنونی نمی&amp;zwnj;تواند کمکی به این بخش کند و تنها اتلاف زمان را به همراه خواهد داشت. وطن&amp;zwnj;پور گفته است که شرکت&amp;zwnj;های چینی به تعهدات خود پایبند نیستند و تا کنون هیچ یک از طرح&amp;zwnj;هایی را که در ایران داشته&amp;zwnj;اند بر اساس زمان بندی پیش نبرده&amp;zwnj;اند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;بدقولی چینی&amp;zwnj;ها&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;هفته گذشته خبرگزاری&amp;zwnj;های رسمی ایران، اعلام کردند که یک شرکت چینی که در فاز ۱۱ پارس جنوبی مشغول به کار بوده است، بدون اطلاع قبلی دفتر خود در تهران را به حالت تعلیق درآورده و کارکنان خود را از تهران فراخوانده است. شرکت&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; CNPC &lt;/span&gt;چین که پیش از این&amp;zwnj; جایگزین شرکت&amp;zwnj;های &amp;quot;توتال&amp;quot; و &amp;quot;پتروناس&amp;quot; در پارس جنوبی شده بود، به صورت یکجانبه این پروژه را به حالت تعلیق درآورد. خبرگزاری مهر، زیان ناشی از این تاخیر را ۱۱ میلیارد دلار برآورد کرده است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;خرداد ماه امسال نیز، ایران یک قرارداد ساخت سد با یک شرکت چینی را به حالت تعلیق درآورد. این قرارد داد دو میلیارد دلاری به دلیل تاخیر شرکت چینی در اجرای آن به صورت یک طرفه از سوی ایران لغو شد. آن گونه که مقام&amp;zwnj;های ایرانی اعلام کرده&amp;zwnj;اند، ارزش قراردادهای شرکت&amp;zwnj;های چینی با ایران، به بیش از ۵۰۰ میلیارد دلار می&amp;zwnj;رسد. اما هیچ یک از این قرارداد&amp;zwnj;ها در موعد مقرر به بهره برداری نرسیده است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;شرکت&amp;zwnj;های چینی مجری طرح&amp;zwnj;های توسعه در پروژه&amp;zwnj;های &amp;laquo;یادآوران&amp;raquo;، &amp;laquo;پارس جنوبی&amp;raquo;، پارس شمالی &amp;laquo;، آزادگان جنوبی&amp;raquo;، &amp;laquo;آزادگان شمالی&amp;raquo; و &amp;laquo;فاز دوم طرح ایران ال ان جی&amp;raquo; هستند. بر اساس گزارش پایگاه خبری نفت نیوز، حداقل میزان تاخیر چینی&amp;zwnj;ها در این پروژه&amp;zwnj;ها، ۱۱ درصد است و برخی از این قرارداد&amp;zwnj;ها هنوز به مرحله اجرایی نرسیده است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;گردش به شرق&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;دولت احمدی&amp;zwnj;نژاد، بدون توجه به تاخیر شرکت&amp;zwnj;های چینی در اجرای پروژه&amp;zwnj;های عمرانی، طرح بزرگراه تهران و شمال را هم به یک پیمانکار چینی واگذار کرده است. اگر چه مسئولان وزارت صنعت، معدن و تجارت و راه و شهرسازی، علت ورود چینی&amp;zwnj;ها به پروژه&amp;zwnj;های عمرانی ایران را، قیمت تمام شده کمتر این پروژه&amp;zwnj;ها ارزیابی می&amp;zwnj;کنند، اما آن گونه که عضو کمیسیون صنایع و معادن مجلس، گفته است: &amp;quot;برخی از مراودات بین المللی هم در این واگذاری&amp;zwnj;ها تاثیر گذار است.&amp;quot;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;چین به عنوان یکی از حامیان ایران در شورای امنیت سازمان ملل به شمار می&amp;zwnj;آید و در ماه&amp;zwnj;های گذشته علیرغم اعمال تحریم&amp;zwnj;های نفتی و بانکی، همچنان به واردات نفت از ایران ادامه داده است. هم اکنون چین بزرگ&amp;zwnj;ترین شریک تجاری ایران به شمار می&amp;zwnj;آید و رتبه نخست را در میزان واردات کالا به ایران دارد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;مقام&amp;zwnj;های ایرانی به تازگی نشست مشترکی را با مقام&amp;zwnj;های دولتی چین برگزار کرده&amp;zwnj;اند. آن گونه که اسدالله عسگر اولادی از اعضای حزب موتلفه اسلامی و رئیس اتاق بازرگانی ایران و چین اعلام کرده است؛ &amp;quot;مقام&amp;zwnj;های چینی وعده کردند که نگذارند تحریم&amp;zwnj;های اقتصادی به ایران فشار وارد کند&amp;quot;.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;او در گفت&amp;zwnj;و&amp;zwnj;گو با هفته نامه &amp;quot;آسمان&amp;quot; گفته است: وقتی &amp;quot;بداخلاقیهای آمریکا و کشورهای غربی&amp;quot; را دیدیم، &amp;nbsp;&amp;quot;چاره&amp;zwnj;ای نداشتیم که کشورهایی را جستجو کنیم که در عرصه بین الملل خوش اخلاق باشند؛ در نتیجه به استقبال لبخند چینی&amp;zwnj;ها در مقابل اخم غربی&amp;zwnj;ها رفتیم. ناچار هم بودیم چرا که اگر این لبخند را نمی&amp;zwnj;گیرفتیم و آن اخم ادامه داشت شکستمان صد درد صد بود&amp;quot;. او حجم مبادلات ایران و چین را ۱۰۰ میلیارد دلار عنوان کرده و گفته است که از این میزان ۶۰ میلیارد دلار سهم واردات ما از چین و ۴۰ میلیارد دلار هم سهم صادرات چین از ایران است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;&lt;span dir=&quot;RTL&quot;&gt;آن گونه که عسگر اولادی گفته است، می&amp;zwnj;توان علت اصلی این واگذاری&amp;zwnj;ها را، همان نیاز ایران به مراودات بین المللی و کسب رضایت چین دانست و نه ضعف و ناتوانی بخش خصوصی. چرا که پیش از این مقام&amp;zwnj;های ایرانی اعلام کرده بودند که شرکت&amp;zwnj;های داخلی بخش خصوصی توانایی رقابت با شرکت&amp;zwnj;های بین المللی را دارند. همچنین چهار سال قبل، مقام&amp;zwnj;های دولتی اعلام کردند که در صنعت فولاد به خودکفایی رسیده&amp;zwnj;اند و بسیاری از کشورهای جهان، مشتری تکنولوژی صنایع فولادی ایران هستند. حال یا باید گفته&amp;zwnj;های پیشین مقام&amp;zwnj;های ایرانی را دروغ دانست و یا به استناد گفته&amp;zwnj;های عسگر اولادی، این اقدام را گامی دیگر برای رضایت بخشیدن به چین برشمرد. &lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/08/13/18298#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/14523">ایران و چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/6439">حمید مافی</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/6627">خصوصی‌سازی</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/14522">صنعت فولاد</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/politics">گوی سیاست</category>
 <pubDate>Mon, 13 Aug 2012 14:04:06 +0000</pubDate>
 <dc:creator />
 <guid isPermaLink="false">18298 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>چین، بزرگترین تولید کننده دی اکسید کربن</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/science/2012/07/19/17200</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/science/2012/07/19/17200&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-text field-field-nevisandeh&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    بیژن روحانی        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-maghaleh-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_maghaleh_image&quot; width=&quot;460&quot; height=&quot;276&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/coal-power-station-001.jpeg?1342733115&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;بیژن روحانی &amp;minus; از سال ۲۰۰۶ چین به بزرگترین تولید کننده گاز دی اکسید کربن در جهان تبدیل شده است. با این حال سرانه تولید گاز دی اکسید کربن توسط هر فرد چینی تقریبا برابر و یا همچنان اندکی کمتر از سرانه تولید این گاز توسط فردی در یکی از کشورهای توسعه یافته در اروپاست.&lt;/p&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;میزان کلی انتشار گاز دی اکسید کربن در یک کشور و همچنین سرانه انتشار این گاز توسط جمیعت یک کشور، یکی از عوامل مهمی است که در حفظ محیط زیست و توسعه پایدار موردتوجه قرار می&amp;zwnj;گیرد. برپایه این آمارها، کشورها باید متعهد به کاستن از میزان انتشار گاز دی اکسید کربن شوند. بنابراین میزان انتشار گاز دی اکسید کربن یا سیاست&amp;zwnj;های اعمال شده برای کنترل آن، می&amp;zwnj;تواند نشان دهنده مسئولیت پذیری کشورهای مختلف نیز باشد. اما این اعداد و ارقام همیشه مورد بحث بوده و بسیاری از کشورها از پذیرفتن آن سرباز می&amp;zwnj;زنند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;img width=&quot;200&quot; height=&quot;150&quot; align=&quot;middle&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;http://radiozamaneh.com/sites/default/files/%25b%25f/userfiles/%25u/shanghai2009.jpeg&quot; /&gt;تراکم ماشین و دودزدگی&lt;br /&gt;
نکته نگران کننده در مورد چین آن است که میزان انتشار گازهای گلخانه&amp;zwnj;ای در چین به سرعت در حال رشد است و حتا ممکن است از آمار اعلام شده نیز بیشتر باشد. این احتمال مطرح شده است که میزان واقعی تولید این گازها در چین در حدود ۲۰ درصد بیشتر از آن چیزی باشد که در آمارهای رسمی نشان داده می&amp;zwnj;شود.&lt;/div&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;جدیدترین تحقیقی که به طور مشترک توسط موسسه هلندی BPL و مرکز تحقیقات مشترک کمیسیون اروپا JRC انجام شده است، نشان می&amp;zwnj;دهد سرانه تولید و انتشار گاز دی اکسید کربن در چین در سال ۲۰۱۱ در حدود ۹ درصد رشد داشته است و اکنون به بیش از 7.2 (هفت و دو دهم) تن برای هر فرد در طول سال رسیده که تنها اندکی کمتر از میانگین آن در اروپا، یعنی 7.5 تن برای هر فرد در سال است.این میانگین در آمریکا همچنان بسیار بالاتر است و برای هرفرد به رقمی در حدود17.3 تن در سال می&amp;zwnj;رسد. نتایج این تحقیق روز چهارشنبه هجدهم ژوييه برابر با ۲۸ تیرماه اعلام شده است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;با این حال مجموع گاز دی اکسید کربن تولید شده در چین در حدود هشتاد درصد بیشتر از مجموع تولید و انتشار این گاز در آمریکاست. این تحقیق جدید نشان می&amp;zwnj;دهد میزان تولید گاز دی اکسید کربن سال گذشته در اروپا و ژاپن به ترتیب ۳ و ۲ درصد کاهش یافته است اما در کشورهای در حال رشد مانند هند با افزایش ۶ درصدی رو به رو بوده است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;مطابق این تحقیق جدید در بسیاری از کشورهای عضو سازمان همکاری اقتصادی و توسعه OECD، به دلیل رکود اقتصادی و همچنین قیمت بالای سوخت&amp;zwnj;های فسیلی، میزان انتشار دی اکسید کربن در حال کاهش است. اما در کشوری مانند چین به دلیل رشد اقتصادی و به خصوص به خاطر میزان ساخت و ساز فراوان، انتشار دی اکسید کربن به سرعت در حال رشد است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;با این حال این تحقیق مانند اکثر تحقیقات دیگری که تاکنون در مورد میزان انتشار گاز دی اکسید کربن صورت گرفته تنها بر میزان مصرف سوخت&amp;zwnj;های فسیلی متمرکز بوده است. مطابق نتایج دیگری که توسط یک کمیسیون تحقیقی در بریتانیا انجام گرفته است، برای محسابه گاز دی اکسید کربن فقط در نظر گرفتن میزان مصرف سوخت&amp;zwnj;های فسیلی کافی نیست، بلکه باید به عنوان مثال میزان صادرات و واردات کالا را نیز به عنوان یکی از عوامل تولید کننده گازهای گلخانه&amp;zwnj;ای در نظر گرفت. حدود یک پنجم از میزان گاز دی اکسید کربن که در چین تولید می&amp;zwnj;شود، به دلیل تولید بالای کالاهای صادراتی است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;از سوی دیگر عامل مهمی که در این تحقیق نادیده گرفته شده است میزان سفرهای بین المللی است که می&amp;zwnj;تواند عامل انتشار ۳ درصد از کل دی اکسید کربن در دنیا باشد. مبداء این سفرها به طور عمده کشورهای ثروتمند وتوسعه یافته است. به همین دلیل هنوز سرانه تولید گاز دی اکسید کربن در اروپا بالاتر از سرانه تولید این گاز در چین قرار دارد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;از سوی دیگر کشورهای اروپایی و آمریکایی در گذشته میزان دی اکسید کربن بسیار بیشتری تولید کرده&amp;zwnj;اند که تاثیرات آن برجای مانده و باعث گرم شدن آب و هوای زمین شده است. چین در دهه&amp;zwnj;های اخیر به صف تولید کنندگان بزرگ گاز دی اکسید کربن پیوسته است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;با این حال نکته نگران کننده در مورد چین آن است که میزان انتشار گازهای گلخانه&amp;zwnj;ای در چین به سرعت در حال رشد است و حتا ممکن است از آمار اعلام شده نیز بیشتر باشد. این احتمال مطرح شده است که میزان واقعی تولید این گازها در چین در حدود ۲۰ درصد بیشتر از آن چیزی باشد که در آمارهای رسمی نشان داده می&amp;zwnj;شود. با در نظر گرفتن تمام این عوامل، مشخص کردن سهم کشورهای مختلف در تولید و انتشار گازهای گلخانه&amp;zwnj;ای بحثی پیچیده&amp;zwnj; و البته مناقشه برانگیز شده است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;&lt;span dir=&quot;RTL&quot;&gt;در یک نگاه کلی، در حال حاضر میزان کل انتشار گاز دی اکسید کربن حاصل از سوخت&amp;zwnj;های فسیلی و همچنین تولید سیمان در جهان ۳ درصد رشد داشته است. این رشد نشان دهنده آن است که تلاش&amp;zwnj;های صورت گرفته برای متعهد کردن کشورها به کاستن از میزان انتشار این گاز ناموفق بوده و نتوانسته تاثیر مثبتی برجای بگذارد. اگر میزان انتشار این گاز با همین نرخ افزایش یابد، آن&amp;zwnj;گاه امید برای محدود نگاه داشتن گرم شدن کره زمین تا حد دو درجه سانتیگراد بسیار کم&amp;zwnj;رنگ&amp;zwnj;تر خواهد شد.&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/science/2012/07/19/17200#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/2815">بیژن روحانی</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/13850">دی اکسید کرین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/environment">محیط زیست</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <pubDate>Thu, 19 Jul 2012 21:22:00 +0000</pubDate>
 <dc:creator />
 <guid isPermaLink="false">17200 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>آمریکا دو فرد ایرانی و چینی را به ارسال تجهیزات هسته‌ای به ایران متهم کرد </title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/news/iran/2012/07/14/16994</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/news/iran/2012/07/14/16994&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-article-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_article_image&quot; width=&quot;250&quot; height=&quot;160&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/20122258581698734_20_0.jpg?1342272687&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;دادگستری ایالات متحده اعلام کرد یک ایرانی و یک چینی متهم به تلاش برای ارسال تجهیزات و مواد حساسی هستند که در ساخت سانتریفیوژ برای غنی&amp;zwnj;سازی اورانیوم کاربرد دارد.&lt;/div&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;رویترز امروز، ۱۴ ژوئیه (۲۴ تیر) به نقل از یک مقام دادگستری آمریکا نوشت، متهم ایرانی پرونده پرویز خاکی و متهم دیگر ژانگ&amp;zwnj;چنگ یی ساکن چین هستند که بخشی از مواد را هم عاقبت توانسته&amp;zwnj;اند به ایران انتقال دهند و بفروشند اما ماموران تحقیق آمریکا به&amp;zwnj;طور دقیق نمی&amp;zwnj;دانند که میزان این مواد چقدر بوده&amp;zwnj; است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;بر اساس این گزارش، متهمان تلاش می&amp;zwnj;کردند این مواد و تجهیزات را که می&amp;zwnj;تواند در برنامه هسته&amp;zwnj;ای ایران کاربرد داشته باشد از آمریکا تهیه کنند و از طریق چین و هنگ&amp;zwnj;کنگ نیز آن را برای ایران بفرستند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;این گزارش می&amp;zwnj;افزاید پرویز خاکی ماه مه امسال در فیلیپین بازداشت شده&amp;zwnj; است و ژانگ&amp;zwnj;چنگ یی متواری است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;متهمان تلاش می&amp;zwnj;کردند این مواد و تجهیزات را که می&amp;zwnj;تواند در برنامه هسته&amp;zwnj;ای ایران کاربرد داشته باشد از آمریکا تهیه کنند و از طریق چین و هنگ&amp;zwnj;کنگ نیز آن را برای ایران بفرستند&lt;/div&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;بازپرسان آمریکایی معتقدند این پرونده نشان می&amp;zwnj;دهد چین و هنگ&amp;zwnj;کنگ اکنون به پایگاهی کلیدی برای دلالانی تبدیل شده&amp;zwnj;اند که ایران از آنها برای دور زدن تحریم&amp;zwnj;های ایالات متحده و غرب استفاده می&amp;zwnj;کند. این تحریم&amp;zwnj;ها اجازه فروش تکنولوژی و تجهیزات مرتبط با برنامه هسته&amp;zwnj;ای را به ایران نمی&amp;zwnj;دهد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;این مقام دادگستری آمریکا گفت که البته شاهدی در دست نیست که دولت چین از ارسال این تجهیزات به ایران خبر داشته باشد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;بر اساس این گزارش وزارت دادگستری آمریکا نیز روز گذشته،جمعه با انتشار اطلاعیه&amp;zwnj;ای تاکید کرد پرویز خاکی و ژانگ&amp;zwnj;چنگ یی با استفاده از شرکت&amp;zwnj;های مخفی تلاش کردند تجهیزات ویژه و مواد اولیه&amp;zwnj;ای را برای ساخت نوعی از سانتریفیوژ خریداری کنند که ایران به تازگی از آن برای غنی&amp;zwnj;سازی اورانیوم استفاده می&amp;zwnj;کند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;این سانتریفیوژها می&amp;zwnj;توانند برای غنی&amp;zwnj;سازی ایزوتوپ&amp;zwnj;های اورانیوم جهت ساخت سلاح هسته&amp;zwnj;ای مورد استفاده قرار بگیرد. ایران اما می&amp;zwnj;گوید برنامه هسته&amp;zwnj;ای صلح&amp;zwnj;آمیز است و به دنبال دستیابی به سلاح&amp;zwnj;های هسته&amp;zwnj;ای نیست.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;تجهیزات و موادی که این دو فرد ایرانی و چینی به تلاش برای ارسال آن&amp;zwnj;ها به ایران متهم شده&amp;zwnj;اند، شامل ۲۰ تن فولاد مارایجینگ، ۴۰ تن آلیاژهای آلومینیوم و پمپ&amp;zwnj;های وکیوم است که برای برای کاهش فشار گاز در یک حجم معین به کار می&amp;zwnj;روند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;این گزارش می&amp;zwnj;گوید متهمان این مواد را بدون مشخص کردن مقصد نهایی آن، از شرکت&amp;zwnj;های آمریکایی خریداری کرده&amp;zwnj;اند. آنها همچنین مجوز لازم برای صادرات به کشوری مانند ایران را که تحریم&amp;zwnj;های آمریکا قرار دارد، نداشته&amp;zwnj;اند. &amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/news/iran/2012/07/14/16994#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/iran">اخبار ایران</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/definition-tags-109">اخبار ایران</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%D8%A7%D9%85%D8%B1%DB%8C%DA%A9%D8%A7">امریکا</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/1746">انرژی هسته ای</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%D8%AA%D8%AD%D8%B1%DB%8C%D9%85">تحریم</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <pubDate>Sat, 14 Jul 2012 11:20:58 +0000</pubDate>
 <dc:creator>Maryam</dc:creator>
 <guid isPermaLink="false">16994 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>چین، دالایی‌لاما و روایت نسل‌کشی در تبت</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/07/06/16692</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/07/06/16692&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-text field-field-nevisandeh&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    علی فرح‌بخش        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-maghaleh-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_maghaleh_image&quot; width=&quot;604&quot; height=&quot;404&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/tibet0.jpg?1341851516&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;علی فرح&amp;zwnj;بخش &amp;ndash; ۶ ژوئیه ۲۰۱۲: امروز، هفتاد&amp;zwnj;&amp;zwnj; و&amp;zwnj;&amp;zwnj; هفتمین سالگرد تولد دالایی&amp;zwnj; لاما، رهبر تبعیدی بوداییان تبت است. وی در ششم ژوئیه ۱۹۳۵، در منطقه&amp;zwnj;ی &amp;laquo;لامو&amp;zwnj;دون&amp;zwnj;دروب&amp;raquo; (&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Lhamo Dhondrub&lt;/span&gt;)، در یک خانواده&amp;zwnj;ی روستایی در قریه&amp;zwnj;ی کوچکی به نام &amp;laquo;تاکت&amp;zwnj;سر&amp;raquo; (&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Taktser&lt;/span&gt;) متولد شد. نام اصلی وی، &amp;laquo;تنزین گیاتسو&amp;raquo; (&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Tenzin Gyatso&lt;/span&gt;) است. وی را با القابی نظیر &amp;quot;اقیانوس خرد&amp;quot;، &amp;quot;عالیجناب&amp;quot; و غیره خطاب می&amp;zwnj;کنند، تبتی&amp;zwnj;ها وی را &amp;laquo;ییشی&amp;zwnj;نوربو&amp;raquo;&amp;raquo; (&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Yeshe Norbu&lt;/span&gt;) و در حالت ساده&amp;zwnj;تر، او را &amp;laquo;کوندون&amp;raquo; (&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Kundun&lt;/span&gt;) می&amp;zwnj;نامند.&lt;/p&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;تنزین گیاتسوی کوچک، پس از شناسایی توسط بزرگان مذهبی تبت، در بیست&amp;zwnj;و&amp;zwnj;دوم فوریه ۱۹۴۰، در پنج سالگی به &amp;laquo;لهاسا&amp;raquo; (&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Lhasa&lt;/span&gt;)، مرکز تبت وارد و به&amp;zwnj;شکل رسمی، لقب &amp;laquo;دالایی&amp;zwnj;لامای چهاردهم&amp;raquo; به&amp;zwnj;وی اعطا شد. او آموزش&amp;zwnj;های مذهبی و غیره را از شش سالگی آغاز کرد و در سال ۱۹۵۹ (در ۲۵ سالگی) درجه&amp;zwnj;ی &amp;laquo;گشه لارامپا&amp;raquo; (&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Geshe Lharampa&lt;/span&gt;) یا درجه&amp;zwnj;ی دکتری در فلسفه بودیسم را تکمیل کرد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;الحاق تبت به چین&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;در هفدهم نوامبر ۱۹۵۰، دالایی&amp;zwnj;لاما رسما مسؤلیت سیاسی تبت را پذیرفت. این امر پس از ورود ارتش کمونیست چین به خاک تبت روی داد. دولت چین پس از انقلاب &amp;nbsp;به رهبری مائو، تبت را که تا آن زمان خود&amp;zwnj;مختار بود، جزیی از خاک مادری چین اعلام کرد و از آن زمان، اختلافات آغاز شد. دولت کمونیست، تبت را جزیی از چین می&amp;zwnj;دانست و از سوی دیگر، تبت بر خودمختاری دولتش پا&amp;zwnj;فشاری می&amp;zwnj;کرد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;img align=&quot;left&quot; src=&quot;http://radiozamaneh.com/sites/default/files/%25b%25f/userfiles/%25u/dalai_lama.jpg&quot; style=&quot;width: 225px; height: 256px;&quot; alt=&quot;&quot; /&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;در سال ۱۹۵۴، دالایی&amp;zwnj;لاما برای مذاکره&amp;zwnj;ی صلح&amp;zwnj;آمیز به پکن رفت و با &amp;laquo;مائو&amp;raquo; (&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Mao Tse-tung&lt;/span&gt;)، &amp;laquo;چو اِن&amp;zwnj;لای&amp;raquo; &amp;nbsp;(&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Chou En-lai&lt;/span&gt;)، &amp;laquo;دینگ سیائوپینگ&amp;raquo; (&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Xiaoping&lt;/span&gt;) و دیگر سران دولتی چین، وارد مذاکره شد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;در سال ۱۹۵۶، دالایی&amp;zwnj;لاما برای شرکت در دو هزار و پانصدمین جشن سالیانه&amp;zwnj;ی بودا به هند سفر و با نخست&amp;zwnj;وزیر &amp;laquo;نهرو&amp;raquo; (&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Nehru&lt;/span&gt;) ملاقات و با وی پیرامون وضعیت رو به&amp;zwnj;زوال تبت گفت&amp;zwnj;و&amp;zwnj;گو کرد. پس از آن، اختلاف و نزاع&amp;zwnj;ها میان چین و تبت بالا گرفت و &amp;laquo;نهضت مقاومت تبت&amp;raquo; با ارتش سرخ چین، وارد جنگی نابرابر شد و دالایی&amp;zwnj;لاما در این میان سعی در حفظ صلح و آرامش نمود، اما کاری از پیش نبرد. در دهم مارس ۱۹۵۹، تبت رسما شکست خورد و لهاسا در هم شکست. بسیاری از راهب&amp;zwnj;های بودایی، قتل&amp;zwnj;عام شدند. در آن زمان، بیش از هشتاد هزار تبتی آواره شده و دالایی&amp;zwnj;لاما به هند گریخت و تبعید شد. تبتی&amp;zwnj;ها می&amp;zwnj;گویند که دولت چین، بیش از یک میلیون تبتی را قتل&amp;zwnj;عام کرده&amp;zwnj;است، چیزی که چینی&amp;zwnj;ها، قویا آن را رد می&amp;zwnj;کنند. پس از سقوط لهاسا و در هم شکستن تبت توسط نیروهای نظامی چین کمونیست و تبعید دالایی&amp;zwnj;لاما به هند، مردم تبت به مبارزات خود به&amp;zwnj;صورت مخفیانه ادامه دادند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;رؤیای تبت آزاد&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;چندی پیش، دالایی&amp;zwnj;لاما در مصاحبه&amp;zwnj;ای رسمی، از هشدار مبنی بر تلاش ماموران چینی برای کشتن وی خبر داد. وی&amp;zwnj; فاش کرد که از داخل تبت، گزارش&amp;zwnj;هایی به&amp;zwnj;وی منتقل شده مبنی بر این&amp;zwnj;که ماموران چینی، تعدادی از زنان تبتی را آموزش داده&amp;zwnj;اند تا طی ماموریتی با وانمود کردن به این&amp;zwnj;که به&amp;zwnj;عنوان مرید، خواهان دعای خیر دالایی&amp;zwnj;لاما هستند، وی را مسموم کرده و بکشند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;چنین روایتی از دالایی&amp;zwnj;لاما و تکذیب آن از سوی مقامات دولت چین و یا سکوت و بی&amp;zwnj;توجهی ممتد آن&amp;zwnj;ها نسبت به مسائل تبت و تنش به&amp;zwnj;ظاهر پایان&amp;zwnj;ناپذیر مابین دولت کمونیست چین و تبتی&amp;zwnj;های معترض، پدیده&amp;zwnj;ی جدیدی نیست و بیش از نیم قرن است که با فراز و نشیب&amp;zwnj;های بسیاری، پیش رفته&amp;zwnj;است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;خودسوزی چند راهب بودایی تبتی در ماه&amp;zwnj;های اخیر، از اوج&amp;zwnj;گرفتن دوباره&amp;zwnj;ی وخامت اوضاع در تبت خبر می&amp;zwnj;دهد. سال&amp;zwnj;هاست که دالایی&amp;zwnj;لاما، دولت کمونیست چین را به&amp;zwnj;شکل مستقیم و غیرمستقیم، به نسل&amp;zwnj;کشی فرهنگی در تبت متهم می&amp;zwnj;کند و از سوی دیگر، دولتمردان چین، دالایی&amp;zwnj;لاما را تجزیه&amp;zwnj;طلبی می&amp;zwnj;دانند که قصد دارد سرزمین تبت را از خاک مادری چین جدا کند و زیر بیرق دولت&amp;zwnj;های دیگر ببرد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;در این میان، دالایی&amp;zwnj;لاما همچنان بر مبارزه&amp;zwnj;ی صلح&amp;zwnj;آمیز و فارغ از خشونت تاکید دارد تا بتواند رویای &amp;laquo;تبت آزاد&amp;raquo; را تحقق بخشد. در راستای همین تلاش&amp;zwnj;های عاری از خشونت برای آزادی تبت، وی در سال ۱۹۸۹، موفق به دریافت جایزه&amp;zwnj;ی صلح نوبل شد. همچنین وی با بسیاری از رهبران سیاسی و مذهبی جهان ملاقات کرده و از سوی مراکز دانشگاهی و غیره، مدارک و تقدیرنامه&amp;zwnj;های بسیاری نیز به او اعطا شده&amp;zwnj;است، تقدیرهایی به پاس تلاش&amp;zwnj;های صلح&amp;zwnj;آمیز وی در راستای ایجاد صلح جهانی، آزادی تبت و حفظ سنت&amp;zwnj;های بودیسم تبتی؛ آیینی که ریشه&amp;zwnj;های مستحکمی در این سرزمین کهنسال دارد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;img width=&quot;222&quot; height=&quot;174&quot; align=&quot;middle&quot; src=&quot;http://radiozamaneh.com/sites/default/files/%25b%25f/userfiles/%25u/mao.jpg&quot; alt=&quot;&quot; /&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;دیدار دالایی لاما با مائو در سال ۱۹۵۴&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;بودیسم&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;زمان ورود اندیشه&amp;zwnj;های بودایی به تبت به&amp;zwnj;وضوح مشخص نیست، اما احتمالا در سده&amp;zwnj;ی هفتم میلادی صورت یافته&amp;zwnj;است. سرزمینی کوهستانی و فاقد جغرافیای ایده&amp;zwnj;آل برای تشکیل جوامع سازمان&amp;zwnj;یافته، آن&amp;zwnj;چنان پیش&amp;zwnj; رفت تا به یکی از مراکز بزرگ مذهبی در جهان تبدیل شد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;اولین پادشاهی در تبت، در حدود سال ۶۰۰ میلادی پایه&amp;zwnj;ریزی شد. نخستین جرقه&amp;zwnj;های گرایش به آیین بودا در سال&amp;zwnj;های ۷۹۲ تا ۷۹۴ میلادی در &amp;laquo;لهاسا&amp;raquo; شکل گرفت و پس از آن، دین بودا، دین رسمی مردم تبت شد و در تار و پود فرهنگ و سنن آنان نفوذ کرد. در این&amp;zwnj; میان آیین بودا با فرود&amp;zwnj;هایی نیز مواجه گشت.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;پر آوازه&amp;zwnj;ترین مکتب بودایی تبت، مکتب بودایی &amp;laquo;لاماییسم&amp;raquo; یا &amp;laquo;مکتب کلاه زرد&amp;raquo; است. این دین در اوایل قرن پانزدهم شکل گرفت و رهبران آن، تحت عنوان &amp;laquo;دالایی&amp;zwnj;لاما&amp;raquo;، یکی پس از دیگری، رهبری مذهبی تبت را بر عهده می&amp;zwnj;گرفتند. در سال ۱۶۴۲، دالایی&amp;zwnj;لامای پنجم به فرمان&amp;zwnj;روایی سراسر تبت منصوب شد و این روال تا سال ۱۹۵۹ ادامه داشت.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;واژه&amp;zwnj;ی &amp;laquo;دالایی&amp;raquo; در زبان مغولی به&amp;zwnj;معنی &amp;laquo;اقیانوس&amp;raquo; است و &amp;laquo;لاما&amp;raquo; به معنای معلم. لازم به ذکر است که واژه&amp;zwnj;ی &amp;laquo;لاما&amp;raquo; (&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;Lama&lt;/span&gt;) در حقیقت &amp;laquo;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;bla-ma&lt;/span&gt;&amp;raquo;ست، با ساکن روی حرف&amp;laquo;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;b&lt;/span&gt;&amp;raquo;. این لقب، توسط مغول&amp;zwnj;های مهاجم به سرزمین تبت، به بزرگان بودایی داده شد و نشانی&amp;zwnj; بود از احترام آن&amp;zwnj;ها به آیین بودا و پیروان آن.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;دگردیسی تبت&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;تبت به&amp;zwnj;علت ویژگی&amp;zwnj;های خاص جغرافیایی، مانند میانگین ارتفاع بالاتر از چهار&amp;zwnj;هزار متر و بافت کوهستانی بسیار صعب&amp;zwnj;العبور، همواره دارای ویژگی&amp;zwnj;های اجتماعی خاص خود بوده&amp;zwnj;است. عدم دسترسی آسان به مناطق مسکونی تبت، این سرزمین را با بافتی کهنه، انسجام داده&amp;zwnj;است. فرهنگ و سنت مردم تبت، ساختاری بسیار قدیمی داشته و در آن، نفوذ فرهنگ&amp;zwnj;های بیگانه، به&amp;zwnj;ندرت دیده می&amp;zwnj;شود؛ با این&amp;zwnj;وجود، در سال&amp;zwnj;های اخیر، تحولات نوینی در تبت رخ داده&amp;zwnj;است. این تحولات حاصل احداث بلندترین خط آهن جهان در تبت است که دولت چین، مجری آن بود.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;راه&amp;zwnj;آهن تبت &amp;ndash; چینگ&amp;zwnj;های، به&amp;zwnj;طول یک&amp;zwnj;&amp;zwnj;هزار و ۱۴۲ کیلومتر، از شهر سی&amp;zwnj;نینگ در شمال چین آغاز می&amp;zwnj;شود و به شهر لهاسا، مرکز تبت امتداد می&amp;zwnj;یابد. ساخت این راه&amp;zwnj;آهن از سال ۲۰۰۱ آغاز شد. هر چند بسیاری این طرح را غیر ممکن می&amp;zwnj;دانستند، اما با پایان آن، دولت چین، یکی از بزرگترین پروژه&amp;zwnj;های ترابری خود را با موفقیت به انجام رساند. دولت چین این خط آهن را در راستای ارتقاء سطح فرهنگی تبت و نیز بهره&amp;zwnj;وری بهینه از معادن آن، احداث کرد. این در حالی&amp;zwnj;ست که توریست&amp;zwnj;های داخلی و خارجی بسیاری نیز به این منطقه&amp;zwnj;ی دور افتاده و بکر روی آوردند و در رشد اقتصادی آن بسیار تأثیر گذاشتند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;احداث این راه&amp;zwnj;آهن، در حالت کلی، منافع بسیاری برای دولت چین به ارمغان آورد، اما چالش&amp;zwnj;های جدیدی را نیز رقم زد. از سوی دیگر، این خط آهن تا حدودی هم توانست به مردم تبت کمک کند و به&amp;zwnj;خصوص باعث ارتقا سطح رفاه مالی آن&amp;zwnj;ها شود، اما این تنها آغاز بازی چین بود. &lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;img width=&quot;222&quot; height=&quot;144&quot; align=&quot;middle&quot; src=&quot;http://radiozamaneh.com/sites/default/files/%25b%25f/userfiles/%25u/tibet.jpg&quot; alt=&quot;&quot; /&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;شهر لهاسا که زمانی مرکز اجتماع و نقطه&amp;zwnj;ی تمرکز تبتی&amp;zwnj;ها بود، امروز به شهری بدل شده که پیدا کردن تبتی&amp;zwnj;هایی با لباس و رفتار سنتی در آن، دشوار است.&lt;/div&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;در این راستا دالایی&amp;zwnj;لاما، در یک&amp;zwnj; سخنرانی که در چهل&amp;zwnj;و&amp;zwnj;هشتمین سالگرد قیام صلح&amp;zwnj;جویانه&amp;zwnj;ی مردم تبت ایراد نمود، به انتقاد از راه&amp;zwnj;آهن جدید پرداخت و چنین گفت&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; :&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;laquo;هیچ چیز اشتباهی در ساختار زیر&amp;zwnj;بنایی توسعه، همچون راه&amp;zwnj;آهن وجود ندارد. از زمانی که راه&amp;zwnj;آهن کار خود را آغاز نمود، تبت پیشرفت کرد و افراد زیادی از چین به تبت رفت و آمد می&amp;zwnj;کنند، در عوض محیط زیست مسیر، رو به&amp;zwnj;زوال و تباهی&amp;zwnj;ست، آب مقدس، آلوده شده و بی&amp;zwnj;رویه مصرف می&amp;zwnj;شود. بهره&amp;zwnj;گیری از منابع طبیعی، همه و همه موجب نابودی عظیم زمین و تمام ساکنان آن می&amp;zwnj;شود. درست است که قانون اساسی چین، مذهب خودمختار اقلیت&amp;zwnj;های مذهبی را تضمین می&amp;zwnj;کند اما مشکل این&amp;zwnj;جاست که این&amp;zwnj;کار به تنهایی عملی نیست و در راستای اجرای اهداف، اشتباهاتی نیز رخ می&amp;zwnj;دهد و این اشتباهات متوجه هویت، فرهنگ و زبان اقلیت&amp;zwnj;های مذهبی&amp;zwnj;ست و در این میان، این اقلیت&amp;zwnj;ها هستند که برای دفاع از ارزش&amp;zwnj;های خود قیام می&amp;zwnj;کنند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;تصور کنید چه اتفاقی می&amp;zwnj;افتد زمانی&amp;zwnj;که عده&amp;zwnj;ی زیادی از اقلیت&amp;zwnj;های مذهبی، از خانه و کاشانه&amp;zwnj;ی خود به مکانی یا کشوری دیگر بروند؟ از این&amp;zwnj;رو، این ملیت&amp;zwnj;ها به&amp;zwnj;دلیل قلیل بودن&amp;zwnj;شان، مجبورند از هویت، فرهنگ و زبان&amp;zwnj;شان دفاع کنند تا تغییری در آن صورت نپذیرد. البته هویت و فرهنگ و زبان در اقلیت&amp;zwnj;های مذهبی کشورها و سرزمین&amp;zwnj;های دیگر متفاوت است. بنابراین، خطری بزرگ برای فرهنگ، زبان و سنت&amp;zwnj;های غنی که به&amp;zwnj;تدریج رو به نابودی هستند، احساس می&amp;zwnj;شود.&amp;raquo;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;با نگاهی به وضعیت امروز تبت، به&amp;zwnj;نظر می&amp;zwnj;رسد که انتقاد دالایی&amp;zwnj;لاما تا حد بسیار زیادی درست بود. شهر لهاسا که زمانی مرکز اجتماع و نقطه&amp;zwnj;ی تمرکز تبتی&amp;zwnj;ها بود، امروز به شهری بدل شده که پیدا کردن تبتی&amp;zwnj;هایی با لباس و رفتار سنتی در آن، دشوار است. هجوم چینی&amp;zwnj;های مهاجر به این سرزمین، باعث رانش بومی&amp;zwnj;های تبتی شده&amp;zwnj;است که به&amp;zwnj;اجبار، به روستاهای دور افتاده و مناطق محروم تبت، به&amp;zwnj;نوعی تبعید شده&amp;zwnj;اند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;دولت چین، سعی دارد با شعار مدرن شدن، تبت را به سرزمین نوینی بدل کند که به&amp;zwnj;اصطلاح، سطح رفاه در آن، برای همه&amp;zwnj;ی توده&amp;zwnj;ها بالا برود. اما با نگاهی به حقایق تبت، ورای شعارهای زیبای برابری و رفاه از سوی دولت کمونیست چین، می&amp;zwnj;توان مشاهده کرد که در تبت، با سیل مهاجران چینی و سیاست&amp;zwnj;های سخت&amp;zwnj;گیرانه&amp;zwnj;ی چین، نه&amp;zwnj;تنها سطح رفاه تبتی&amp;zwnj;ها بالاتر نرفته&amp;zwnj;است، بلکه شاهد یک نسل&amp;zwnj;کشی در این سرزمین هستیم. دقیقا مشابه همان اتفاقی که برای سرخپوست&amp;zwnj;های آمریکا روی داد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;دولت کمونیست چین به رهبری مائو، ابتدا با شعارهای زیبای برابری و رفاه برای همه، تبت را مورد ستایش قرار داد و از در دوستی وارد شد، تا آن&amp;zwnj;جا که بسیاری از تبتی&amp;zwnj;ها از جمله دالایی&amp;zwnj;لاما، مجذوب آن شدند. سربازهای ارتش سرخ چین، در بدو ورود&amp;zwnj;شان به تبت، حتا در برداشت محصول نیز به کشاورزان تبتی یاری می&amp;zwnj;رساندند. اما با گذشت زمان، رفتارها تغییر کرد. امتیازهای داده شده، به مرور لغو شد و در نهایت، به قتل&amp;zwnj;عام مردم تبت انجامید.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;وضعیت کنونی&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;با رونق رسانه&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;zwnj;&lt;/span&gt;ها و شبکه&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;zwnj;&lt;/span&gt;های اینترنتی، بار دیگر پیام آزادی مردم تبت، بیش از پیش به&amp;zwnj;گوش دیگر سرزمین&amp;zwnj;ها رسید. آمار تبتی&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;zwnj;&lt;/span&gt;هایی که در خاک مادری خودشان، مورد خشم دولت کمونیست چین قرار گرفتند، در دسترس عموم گذاشته شد. زندان، شکنجه، اعدام و سخت&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;zwnj;&lt;/span&gt;گیری&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;zwnj;&lt;/span&gt;های دولت چین در مقابل تبتی&amp;zwnj;ها، به&amp;zwnj;قدری فاجعه&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;zwnj;&lt;/span&gt;آمیز بود که نهادهای حقوق بشری جهان، دست به اعتراض علنی زدند، هر چند که از شدت برخوردها در تبت کاسته نشد، و خودسوزی چند راهب بودایی در ماه&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;zwnj;&lt;/span&gt;های اخیر را می&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;zwnj;&lt;/span&gt;توان از تبعات آن دانست.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;در این میان، دولت چین نیز برای چنین برخوردهایی، دلایل خود را بیان می&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;zwnj;&lt;/span&gt;کند. از دیدگاه حزب کمونیست چین، تبت هرگز به منطقه&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;zwnj;&lt;/span&gt;ای خودمختار بدل نخواهد شد و برای همیشه جزیی از خاک مادری چین باقی خواهد ماند. دالایی&amp;zwnj;لاما بارها اعلام کرده&amp;zwnj;است که دیگر در پی استقلال مطلق نیست و حاضر است درباره&amp;zwnj;ی وضعیت تبت، مذاکره کند، اما دولت چین، نه تنها زیر بار هیچ مذاکره&amp;zwnj;ای نمی&amp;zwnj;رود، بلکه فشار خود بر تبت را هر روز افزایش می&amp;zwnj;دهد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;به&amp;zwnj;نظر می&amp;zwnj;رسد که معضل تبت، در سال&amp;zwnj;های اخیر، به فاز جدیدی رسیده&amp;zwnj;است. آن&amp;zwnj;چه دالایی&amp;zwnj;لاما در خصوص نسل&amp;zwnj;کشی فرهنگی در تبت می&amp;zwnj;گوید، بسیاری از مواقع، در پس قدرت اقتصادی و نظامی چین، نادیده گرفته می&amp;zwnj;شود. قدرت مالی و سیاسی چین، باعث شده&amp;zwnj;است که وضعیت وخیم حقوق بشر در این کشور و نیز معضل تبت، در بیشتر مواقع، تنها به صدور بیانیه&amp;zwnj;های بشردوستانه&amp;zwnj;ی فانتزی از سوی دیگر ناظران صحنه&amp;zwnj;های بین&amp;zwnj;المللی بیانجامد و بس.&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/07/06/16692#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/13501">تبت</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/6682">دالایی لاما</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/13502">علی فرح‌بخش</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/politics">گوی سیاست</category>
 <pubDate>Fri, 06 Jul 2012 08:31:02 +0000</pubDate>
 <dc:creator />
 <guid isPermaLink="false">16692 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>&quot;بالاخره نفهیمدم چرا مرا گرفتند و چرا ولم کردند&quot;</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/06/23/16098</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/06/23/16098&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-text field-field-nevisandeh&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    گفت‌وگو با آی وی وی (Ai Weiwei) هنرمند منتقد چینی        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div class=&quot;field field-type-text field-field-motarjem&quot;&gt;
      &lt;div class=&quot;field-label&quot;&gt;برگردان:&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    اکبر فلاح‌زاده        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-maghaleh-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_maghaleh_image&quot; width=&quot;581&quot; height=&quot;376&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/ai_weiwei.jpg?1340732028&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;اکبر فلاح&amp;zwnj;زاده &amp;ndash; &amp;quot;آی وی وی&amp;quot; &amp;nbsp;هنرمند منتقد چینی در مبارزه با خفقان و اقدامات پلیسی دولت از پای نمی&amp;zwnj;افتد. او با وجود بیماری چند ماه زندانی کشید و دولت حتی بعد از آزادی نیز همه جا او را می&amp;zwnj;پاید. آی وی&amp;zwnj;وی به پرداخت ۲ میلیون دلار مالیات محکوم شده که به نظرش بسیار زیاد است و هیچ تناسبی با کار او ندارد.&amp;nbsp;به عقیده مخالفان دولت بستن مالیات سنگین بخشی از نقشه دولت چین برای در تنگنا قرار دادن و در نهایت ساکت کردن این هنرمند است.&lt;/p&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;آی وی وی در کار خلاقانه هنری و در دفاع از آزادی و حقوق بشر بسیار فعال است. مجله &amp;quot;آرت ریویو&amp;quot; در ماه اکتبر ۲۰۱۱ آی وی وی را در صدر فهرست ۱۰۰ مرد قدرتمند جهان قرار داد. با این وجود دولت چین پاسپورت او را ضبط کرده و دور تا دوتا دور خانه اش را مامور و دور بین کار گذاشته.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;تلویزیون شبکه سراسری آلمان با آی وی وی در مورد اوضاع سیاسی چین و علت بازداشتها با وی گفتگو کرده که بخشهای مهم آن را می&amp;zwnj;خوانیم:&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;&amp;nbsp;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;&amp;bull; گفت&amp;zwnj;وگو با آی وی وی&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;&amp;nbsp;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;شما یا شرکت فیک &lt;/b&gt;&lt;b&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;FAKE &lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;b&gt;&amp;nbsp;&lt;span&gt;که در آن کار می&amp;zwnj;کنید، گویا بدهی مالیاتی دارید. تا چه حد این اتهام قابل باور است؟ &lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;در سوم آوریل پنهانی توسط پلیس پکن دستگیر شدم. اتهام&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; &amp;quot; :&lt;/span&gt;تحریک به تضیف دولت&amp;quot;. وقتی بعد از هشتاد و یک روز حبس در روز ۲۲ ژوئن آزاد شدم، یک دفعه معلوم شد که شرکتی که در آن کار می&amp;zwnj;کنم تحت پیگرد مالیاتی است. تقریبا معادل ۲ میلیون دلار نقره داغم کرده&amp;zwnj;اند. کله آدم سوت می&amp;zwnj;کشد از این رقم. تا به حال به گوشم نخورده که کسی مجبور به پرداخت چنین مالیات سنگینی شده باشد. تمام دار و ندار ما یک شرکت کوچک طراحی ست&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;اداره مالیات شما را به عدم پرداخت مالیات متهم کرده. شما هم علیه این اتهام شکایت کرده اید. امروز قرار بود بروید دادگاه، رفتید؟ &lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;معلوم است که می&amp;zwnj;خواستم بروم. اما امروز پلیس چند بار به من تلفن کرد و تهدیدم کرد که &amp;quot; نباید بروی، نباید پایت را از خانه بیرون بگذاری&amp;quot;. من خودم شاکی ام، اما از عجایب روزگار این است که در جریان داد رسی نباید آن طرفها آفتابی بشوم&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;img width=&quot;222&quot; height=&quot;120&quot; align=&quot;middle&quot; src=&quot;http://radiozamaneh.com/sites/default/files/%25b%25f/userfiles/%25u/ai_weiwei2.jpg&quot; alt=&quot;&quot; /&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;آی وی وی: &amp;laquo;داستان زندگی من داستان کوچکی است، یکی از هزارها. این داستان چیزی نیست در قیاس با سرگذشت دیگرانی که به علت مبارزه برای رسیدن به حقوق شان تحت تعقیب قرار گرفتند. خیلی ازاین مبارزان مردند، دیگران زندانی شدند، و خیلی&amp;zwnj;های دیگر هرگز این فرصت را پیدا نکردند که سرگذشت شان را شرح بدهند.&amp;raquo;&lt;/div&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;فکر می&amp;zwnj;کنید با این دادگاه به جایی برسید؟ &lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;دولت چین قادر است ماهواره به فضا بفرستد، اما نمی&amp;zwnj;تواند روی زمین در این کشور عادلانه رفتار کند.&amp;nbsp;حتی شانس دفاع برای اثبات بی گناهی هم به آدم نمی&amp;zwnj;دهند. پلیس، دستگاه مالیاتی و دادگاهها همه دستشان توی یک کاسه است و در کلاه برداری با هم شریکند. وظایف یک دولت مگر چیست، دفاع از قدرتمندان و پولداران یا حفظ امنیت مردم؟&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;&amp;nbsp;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;یک سال پیش شما را ربودند و به زندان انداختند&lt;/b&gt;&lt;b&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;...&lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;اینبلا چنان وحشتناک بود که امیدوارم به سر هیچ کسی نیاید. شکنجه&amp;zwnj;ام کردند. نه فقط شکنجه جسمی، که روحی هم. با تمام وجودم احساس کردم که این دولت دولت دولت قانون نیست. خودشان هم چشم توی چشمت می&amp;zwnj;دوزند و می&amp;zwnj;گویند&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;:&lt;/span&gt; &lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;quot;&lt;/span&gt;اینجا از حق و قانون خبری نیست&amp;quot;. اما من ازاینکه وظیفه&amp;zwnj;ام را به عنوان هنرمند و همچنین به عنوان یک انسان انجام داده&amp;zwnj;ام پشیمان نیستم. تازه من کار چندانی نکرده ام، احساس می&amp;zwnj;کنم آنچه کرده&amp;zwnj;ام در مقابل آنچه باید می&amp;zwnj;کرده&amp;zwnj;ام ناچیز بوده&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;b&gt;آیا بالاخره فهمیدید چرا شما را ربودند؟ &lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;هیچ کس به من نگفت چرا دستگیر شده&amp;zwnj;ام. هیچ کس هم نگفت چرا آزاد شدم. فقط می&amp;zwnj;دانم که مدام بازجویی و متهم می&amp;zwnj;شدم که به تضعیف دولت تحریک کرده&amp;zwnj;ام.از تماس من با خارج می&amp;zwnj;پرسیدند و اینکه آیا از خارجی&amp;zwnj;ها کمک می&amp;zwnj;گیرم&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/span&gt;&lt;b&gt;زندگیتان بعد از آزادی چه تغییراتی کرده؟ &lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;از یک زندان کوچک آزاد شده و وارد یک زندان بزگتر شده ام: تلفنم کنترل می&amp;zwnj;شود، و مدام زیر نظرم. دور تا دور خانه&amp;zwnj;ام چهارده دوربین کار گذاشته&amp;zwnj;اند. قبل از ترک خانه باید به پلیس اطلاع بدهم. از شهر پکن اجازه ندارم خارج شوم. حتی وقتی به پارک می&amp;zwnj;روم ماموران پشت درختها قایم می&amp;zwnj;شوند و یواشکی از من و بچه&amp;zwnj;ام و از دوستانم عکس می&amp;zwnj;گیرند. تهدید همه جا مثل سایه دنبالم می&amp;zwnj;کند&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;. &lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;&lt;b&gt;زمانی شما خودتان هم داخل خانه تان دوربین کار گذاشتید و فیلمهایتان را&lt;/b&gt;&lt;b&gt;در اینترنت گذاشتید. منظورتان از این کار چه بود؟ &lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;در زمان حبس&amp;zwnj;ام دو تا پلیس بیست و چهار ساعته در سلولم بودند و مرا می&amp;zwnj;پاییدند. حتی وقتی خواب بودم یا داشتم خودم را می&amp;zwnj;شستم مواظبم بودند. علاوه بر اینها سه تا دوربین هم کار گذشته بودند تا حرکاتم را بپایند. حتی وقتی به توالت می&amp;zwnj;رفتم زیر چشم دوربینها بودم&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt; حاکمان این کشور دوست دارند در زندگی خصوصی مردم هم نفوذ کنند و آنها را زیر سلطه بگیرند. آدمهایی مانند من همیشه زیر نظرند، &amp;zwnj;اما چه باک، ما که چیزی برای مخفی کردن نداریم. من همیشه به این ماموران نگهبان گفته&amp;zwnj;ام: &amp;quot;می توانید به استودیوی هنری من بیایید و اینجا کارتان را انجام بدهید. حتی موقع سفر هم می&amp;zwnj;توانید همسفرم باشید. من شما را به هر کس که می&amp;zwnj;شناسم معرفی می&amp;zwnj;کنم. بنا بر این خودم در اتاق خوابم و در دفترم دوربین کار گذاشته&amp;zwnj;ام، تا به آنها نشان بدهم که من هم بلدم.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;من همه چیز را مثل کف دستم رو می&amp;zwnj;کنم، اما آیا آنها هم جرات دارند همه اسرارشان را فاش کنند؟ سالهاست که از آنها لیست دانش آموزانی را خواسته&amp;zwnj;ام که در زلزله سچوان کشته شدند. تا امروز هیچ جوابی دریافت نکرده&amp;zwnj;ام. با این همه کوتاه نمی&amp;zwnj;آیم و دنبال اسامی کشته شدگان می&amp;zwnj;گردم&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;img width=&quot;350&quot; height=&quot;219&quot; align=&quot;left&quot; src=&quot;http://radiozamaneh.com/sites/default/files/%25b%25f/userfiles/%25u/ai_weiwei3.jpg&quot; alt=&quot;&quot; /&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;پلیس چین چقدر قوی است؟ &lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;در چین صدهاهزار پلیس هست. ارتش هست، میلیونها عضو حزب هست. اینها همه از منابع دولتی ارتزاق می&amp;zwnj;کنند&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;. &lt;/span&gt;اینها زندانها را کنترل می&amp;zwnj;کنند. اینها به قانون مانون پایبند نیستند، چون قانون دست خودشان است، دست پلیس. درست مثل بامبول مالیاتی من. یک رقم اعجاب آور مالیاتی دستم داده&amp;zwnj;اند اما روزنامه&amp;zwnj;ها لام تا کام از آن حرف نمی&amp;zwnj;زنند. عجیب نیست؟ این یک دولت پلیسی است&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;هم اکنون در آلمان فیلم هرگز پشیمان نیستم &lt;/b&gt;&lt;b&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;b&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;(Never sorry) &lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;b&gt;اکران است. این فیلم در مورد زندگی شماست. در این فیلم از چین چه چیزی می&amp;zwnj;بینیم؟ &lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&amp;nbsp;&lt;/span&gt;داستان زندگی من داستان کوچکی است، یکی از هزارها. این داستان چیزی نیست در قیاس با سرگذشت دیگرانی که به علت مبارزه برای رسیدن به حقوق شان تحت تعقیب قرار گرفتند. خیلی ازاین مبارزان مردند، دیگران زندانی شدند، و خیلی&amp;zwnj;های دیگر هرگز این فرصت را پیدا نکردند که سرگذشت شان را شرح بدهند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;&lt;b&gt;شما در این فیلم از پلیس اسم بچه&amp;zwnj;های کشته شده در زلزله را می&amp;zwnj;پرسید، و پلیس در جواب می&amp;zwnj;گوید: &amp;quot;مگر تو جاسوس خارجی&amp;zwnj;ها هستی؟ &amp;quot; واقعا عجیب نیست؟ &lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;اینجا مسئولان امور سیاسی، دستگاه قضایی و پلیس در هر چیزی دنبال توطئه می&amp;zwnj;گردند، و اینکه همه چیز زیر سر خارجی هاست. این چیزها را توی مخ مردم می&amp;zwnj;کنند و این شیوه شتسشوی مغزی به خصوص در دستگاه پلیس و ارتش زیاد شیوع دارد&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;آیا به آینده چین امیدوارید؟ &lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;فکر می&amp;zwnj;کنم که جوانان انتخاب خواهند کرد. مسئله بر سر انتخاب آزادی، شادی و سعادت است. به عقیده من تغییراتی در چین صورت خواهد گرفت. اما مشکل است بگویم چه زمانی&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;&amp;nbsp;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;آیا رهبری جدید که کنگره هجدهم حزب کمونیست چین انتخاب کرد حامل این تغییرات خواهد بود؟ &lt;span&gt;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp;&amp;nbsp; &lt;/span&gt;&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;من که بعد از کنگره شانزدهم تغییری ندیدم، بعد از هفدهمی هم ندیدم، فکر نمی&amp;zwnj;کنم از هجدهمی و نوزدهمی هم آبی گرم بشود&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;&lt;b&gt;چه برنامه&amp;zwnj;ای برای آینده دارید؟ آیا می&amp;zwnj;خواهید در آینده بیشتر فعال سیاسی باشید یا هنرمند؟ &lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;من صرفا آدمی هستم که کار هنری می&amp;zwnj;کند. کار هنری را دوست دارد و دوست دارد دنبال حقیقت باشد. من می&amp;zwnj;خواهم این جامعه را بفهمم و به دیگران کمک کنم&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;&lt;b&gt;فکر می&amp;zwnj;کنید آنها تا کجا پیش بروند؟ آیا نشانه&amp;zwnj;ای چیزی می&amp;zwnj;بینید که پاسپورتان را پس بدهند تا بتوانید آزادانه سفر کنید؟ &lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&lt;br /&gt;
&lt;/span&gt;هیچ چیز قابل پیش بینی نیست. هر چیزی ممکن است. ریش و قیچی دست آنهاست&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;منبع&lt;/b&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;:&lt;/span&gt; &lt;a href=&quot;http://www.tagesschau.de/ausland/interviewaiweiwei100.html&quot;&gt;تاگس&amp;zwnj;شاو&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/06/23/16098#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/13124">آی وی وی</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%D8%A7%DA%A9%D8%A8%D8%B1-%D9%81%D9%84%D8%A7%D8%AD%E2%80%8C%D8%B2%D8%A7%D8%AF%D9%87">اکبر فلاح‌زاده</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/politics">گوی سیاست</category>
 <pubDate>Sat, 23 Jun 2012 15:15:32 +0000</pubDate>
 <dc:creator>nikfar</dc:creator>
 <guid isPermaLink="false">16098 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>سفر نخستين زن چينی به فضا</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/news/world/2012/06/17/15821</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/news/world/2012/06/17/15821&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-article-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_article_image&quot; width=&quot;640&quot; height=&quot;360&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/_60952524_60952523.jpg?1339934754&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;چين با فرستادن يک فضانورد زن به فضا که برای نخستين بار در تاريخ فضانوردی این کشور اتفاق افتاد، بلندپروازانه&amp;zwnj;ترين مأموريت فضايی&amp;zwnj;اش تا به امروز را تجربه کرد.&lt;/p&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;به گزارش خبرگزاری فرانسه، اين زن چينی به همراه دو فضانورد ديگر طی مأموريت &amp;quot;شنزو ۹&amp;quot; که چهارمين مأموريت فضايی چين با حضور بشر به شمار می&amp;zwnj;آيد، طبق برنامه رأس ساعت ۶:۳۷ بعد از ظهر شنبه ۱۶ ژوئن ۲۰۱۲  در صحرای گوبی واقع در شمال غربی چين سوار سفينه شدند و به فضا رفتند. همزمان تصاويری از اين عمليات از تلويزيون دولتی چين پخش شد. &lt;/p&gt;
&lt;p&gt;به گفته چنگ وانکوئان، مدير پروژه ارسال سفينه&amp;zwnj;های سرنشين&amp;zwnj;دار چين به فضا، اين سفينه وارد مدار شده است. او اين عمليات را يک &amp;quot;موفقيت کامل&amp;quot; خواند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;جينگ هايپنگ، فضانورد باسابقه که پيش از اين دو بار ديگر نيز به فضا رفته بود، فرماندهی هیأت اعزامی را در اين مأموريت بر عهده دارد. ليو وانگ که به مدت ۱۴ سال در پروژه&amp;zwnj;های فضايی چين حضور داشته است، مأموريت دارد که ارتباط مکانيکی فضاپيماهای چينی را در مدار برقرار کند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;در عين حال، ليو يانگ ۳۳ ساله که به عنوان نخستين زن چينی که به فضا سفر کرده، هيجان زيادی را در رسانه&amp;zwnj;ها و سايت&amp;zwnj;های چينی به وجود آورده است. او آزمايش&amp;zwnj;های پزشکی و ديگر آزمايش&amp;zwnj;های فضايی را بر روی سرنشينان اين سفينه انجام خواهد داد.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;ليو ياندونگ، از مشاوران دولت چين که از جمله زنانی است که بالاترين مناصب را در اين کشور بر عهده دارند، به نشانه تأييد بر اهميت نمادين حضور ليو يانگ در اين عمليات، در محل پرتاب سفينه پيام تبريک هو جيناتو، رئيس جمهور چين را قرائت کرد.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;در بخشی از پيام هو جيناتو آمده است: &amp;quot;تمايل دارم تبريکات گرم و مراتب احترام صادقانه&amp;zwnj;ام را به استحضار تمام افرادی که در اين عمليات شرکت دارند برسانم.&amp;quot; او از اين عمليات به عنوان يک &amp;quot;اتفاق بزرگ در پروژه ارسال سفينه&amp;zwnj;های سرنشين&amp;zwnj;دار چين به فضا&amp;quot; نام برد. &lt;/p&gt;
&lt;p&gt;اين مأموريت که در خلال آن سرنشينان سفينه ضمن انجام آزمايش&amp;zwnj;هايی، ارتباط مکانيکی فضاپيماهای چينی را در مدار برقرار می&amp;zwnj;کنند، ۱۳ روز به طول می&amp;zwnj;انجامد.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/news/world/2012/06/17/15821#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/iran">اخبار ایران</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/12921">فضانورد</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/12922">ليو يانگ</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <pubDate>Sun, 17 Jun 2012 12:05:56 +0000</pubDate>
 <dc:creator>zamaanehnews</dc:creator>
 <guid isPermaLink="false">15821 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>چین در صادرات کالا رکورد زد</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/06/10/15486</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/06/10/15486&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-text field-field-nevisandeh&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    بهنام عضدی         &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-maghaleh-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_maghaleh_image&quot; width=&quot;277&quot; height=&quot;186&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/chinw04.jpg?1339350290&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;دولت چین (یکشنبه،  ۲۱ خرداد ۱۳۹۱) اعلام کرد که به&amp;zwnj;طور غیر منتظره&amp;zwnj;ای صادرات این کشور در سال جاری افزایش یافته است. با این&amp;zwnj;حال کارشناسان اقتصادی اعتقاد دارند که چین نمی&amp;zwnj;تواند صرفاً با کمک صادرات مانع از وقوع بحران اقتصادی شود.&lt;/p&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;p&gt;حسن نظری، مدیر گروه اقتصاد پژوهشگاه حوزه و دانشگاه در گفت&amp;zwnj;و&amp;zwnj;گویی که ایسنا در فروردین ماه سال جاری با او انجام داده بود، با تاکید بر اینکه واردات بی&amp;zwnj;رویه از چین تولید ملی در ایران را با آسیب&amp;zwnj;های جدی مواجه کرده، گفته بود:&amp;nbsp; &amp;laquo;در قانون اجرای طرح هدفمندی یارانه&amp;zwnj;ها که باعث تغییر در قیمت&amp;zwnj;ها شد، آمده بود که باید واحدهای تولیدی مورد حمایت قرار گیرند، زیرا حامل&amp;zwnj;های انرژی با افزایش قیمت روبه&amp;zwnj;رو می&amp;zwnj;شوند و برای اینکه واحدهای تولیدی دچار آسیب نشوند باید از آن&amp;zwnj;ها حمایت کرد؛ یعنی همانطور که از افراد جامعه با پرداخت یارانه&amp;zwnj;ها حمایت شد، باید به همین نسبت از دستگاه&amp;zwnj;های تولیدی نیز حمایت می&amp;zwnj;شد تا چرخه تولید از رونق نیفتد، اما چون این امر مهم تحقق نیافت و تولیدات کشور حمایت نشد و از سوی دیگر با واردات بی&amp;zwnj;رویه مخصوصاً از کشور چین رو&amp;zwnj;به&amp;zwnj;رو شدیم، تولید ملی ما دچار آسیبی جدی شد.&amp;raquo; &lt;a href=&quot;http://www.rahesabz.net/story/51194/&quot;&gt;( +) &lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;از آن سو، گمرک چین اعلام کرده که در ماه مه حجم صادرات این کشور به میزان ۱. ۱۴ درصد افزایش یافته و به این ترتیب به ارزش صادرات این کشور به میزان ۳۴۰ میلیارد دلار افزوده شده.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p class=&quot;rtecenter&quot;&gt;&lt;img align=&quot;middle&quot; src=&quot;http://www.radiozamaneh.com/sites/default/files/images/chinw01.jpg&quot; alt=&quot;&quot; /&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p class=&quot;rtecenter&quot;&gt;&lt;em&gt;چین در زمینه تولید پارچه و لباس مهم&amp;zwnj;ترین کشور جهان است&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p class=&quot;rtecenter&quot;&gt;----------------&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;در گزارشی که گمرک چین، امروز، یکشنبه، ۲۱ خرداد انتشار داده، واردات این کشور هم در ماه جاری به میزان ۷. ۱۲ درصد افزایش پیدا کرده. در ماه آوریل سال جاری این میزان فقط ۳. ۰ بود.&lt;a href=&quot;http://www.spiegel.de/wirtschaft/unternehmen/wirtschaft-in-china-gute-aussenhandelszahlen-daempfen-konjunktursorgen-a-837990.html&quot;&gt; (+)&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;خبرگزاری رویترز در گزارشی که ۲۱ مه منتشر کرد، از افزایش واردات نفت خام چین از ایران در پی &amp;laquo;حل مناقشات بر سر قراردادهای سالانه&amp;raquo;  خبر داد.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;اطلاعات گمرک چین نشان می&amp;zwnj;دهند، واردات نفت این کشور از ایران در ماه آوریل با ۵۳. ۲ درصد افزایش، از ۲۵۳ هزار بشکه در ماه مارس به ۳۸۸ هزار و ۳۴ بشکه در روز رسیده است.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;در مجموع اقتصاد چین در مقایسه با سال گذشته در همین تاریخ یک رشد هفت درصدی را نشان می&amp;zwnj;دهد. حکومت چین امید دارد که بتواند این رشد را باز هم ارتقاء دهد و تا پایان سال جاری به ۱۰ درصد برساند. در سال ۲۰۱۱ رشد اقتصادی چین به بیش از ۲۰ درصد رسیده بود.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;img align=&quot;middle&quot; src=&quot;http://www.radiozamaneh.com/sites/default/files/images/chinw02.jpg&quot; alt=&quot;&quot; /&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p class=&quot;rtecenter&quot;&gt;&lt;em&gt;یک کارخانه تولید قطعات الکترونیکی در شانگهای. &lt;/em&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p class=&quot;rtecenter&quot;&gt;----------------&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;به این ترتیب هرچند که رشد اقتصادی ده درصدی چین با کشورهای صنعتی در اروپا قابل مقایسه نیست، اما در مقیاس چینی، این کشور با رکود اقتصادی مواجه شده و حجم تولید صنعتی نیز در این کشور به میزان قابل توجهی کاهش پیدا کرده است. در ماه مه، بنا به گزارش گمرک چین میزان حجم تولید صنعتی به ۶. ۹ درصد بالغ می&amp;zwnj;شد. این امر به این نگرانی دامن زده که شاید چین هم پس از سال&amp;zwnj;ها به یک رکود اقتصادی دامنگیر مبتلا شود.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;همزمان با این تحولات از میزان تورم در چین کاسته شده است. تورم در این کشور سه درصد است و به این ترتیب به پایین&amp;zwnj;ترین حد نصاب تورم در سال&amp;zwnj;های گذشته رسیده.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;در همان حال صنعت خودرو در چین با رونق بی&amp;zwnj;سابقه&amp;zwnj;ای مواجه شده است و بنا به اطلاعاتی که گمرک چین امروز انتشار داده، یک رشد ۱۶ درصدی را نشان می&amp;zwnj;دهد. هر سال خودروسازان چینی شش میلیون و ۳۳۰ هزار خودرو تولید کرده&amp;zwnj;اند. بازار خودرو چین برای کشورهای اروپایی و ژاپن بسیار اهمیت دارد.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;img align=&quot;middle&quot; src=&quot;http://www.radiozamaneh.com/sites/default/files/images/chinw03.jpg&quot; alt=&quot;&quot; /&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p class=&quot;rtecenter&quot;&gt;&lt;em&gt;چین از مهم&amp;zwnj;ترین صادرکنندگان پنبه در جهان است&lt;/em&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p class=&quot;rtecenter&quot;&gt;---------------------&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;گفتنی&amp;zwnj;ست که چین در خاورمیانه بعد از امارات متحده عربی، بیشترین میزان صادرات را به ایران داشته است.  در سال گذشته حجم واردات ایران از چین به&amp;zwnj;بیش از هفت میلیارد دلار رسیده بود. واردات برخی کالاهای پیش&amp;zwnj;پاافتاده از چین مانند رب گوجه فرنگی، سیر، &amp;zwnj; شلنگ پلاستیکی، بند شلوار و دکمه لباس، در هفته&amp;zwnj;های گذشته خبرساز بوده&amp;zwnj;اند. ایران علاوه بر نفت، فرش، خرما و زعفران، خشکبار نیز به چین صادر می&amp;zwnj;کند. &lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;http://www.spiegel.de/wirtschaft/unternehmen/wirtschaft-in-china-gute-aussenhandelszahlen-daempfen-konjunktursorgen-a-837990.html&quot;&gt;منبع آمار اقتصادی&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/06/10/15486#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/8517">اقتصاد چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/12722">واردات کالا از چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/politics">گوی سیاست</category>
 <pubDate>Sun, 10 Jun 2012 17:23:14 +0000</pubDate>
 <dc:creator />
 <guid isPermaLink="false">15486 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>مخالفت دوباره چين و روسيه با مداخله نظامی در سوريه</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/news/world/2012/06/06/15287</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/news/world/2012/06/06/15287&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-article-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_article_image&quot; width=&quot;650&quot; height=&quot;365&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/china-russia.jpg?1338954450&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;روسيه و چين با تکرار مواضع پيشين خود در خصوص سوريه اعلام کردند مخالف مداخله نظامی غرب در اين کشور هستند.&lt;/p&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;به گزارش رويترز، ولاديمير پوتين، رئيس&amp;zwnj;جمهور روسيه و هو جينتائو، همتای چينی&amp;zwnj;اش روز سه&amp;zwnj;شنبه ۱۶ خرداد ۱۳۹۱ خواهان حمايت بين&amp;zwnj;المللی از طرح کوفی عنان، نماينده ويژه سازمان ملل در امور سوريه برای پايان يافتن خشونت&amp;zwnj;ها در اين کشور شدند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;پوتين برای شرکت در نشست سازمان همکاری&amp;zwnj;های شانگهای به چين سفر کرده است.&lt;/p&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;p&gt;به گفته هيلاری کلينتون، وزير خارجه آمريکا خشونت فزاينده در ۱۰ روز گذشته در سوريه نشان می&amp;zwnj;دهد صلح و کرامت انسانی بدون تغيير در قدرت سياسی سوريه امکان&amp;zwnj;پذير نيست&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;p&gt;مخالفان مسلح بشار اسد، رئيس&amp;zwnj;جمهور سوريه روز دوشنبه اعلام کردند ديگر به طرح صلح عنان پايبند نيستند و برای دفاع از مردم، نيروهای دولتی را هدف قرار خواهند داد.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;اما رهبران روسيه و چين گفتند طرح عنان نبايد رها شود.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;طرح صلح عنان شامل اجرای تعهداتی از سوی دولت و اپوزيسيون سوريه از جمله قطع خشونت، کمک&amp;zwnj;رسانی بشر دوستانه به آسيب&amp;zwnj;ديدگان و آغاز گفت&amp;zwnj;وگوهای سياسی ميان دولت و مخالفان است.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;روسيه و چين از اعضای دائم شورای امنيت سازمان ملل که دارای حق وتو هستند، تاکنون مانع نتيجه&amp;zwnj;بخش بودن تلاش&amp;zwnj; قدرت&amp;zwnj;های غربی در محکوميت بشار اسد و تغيير رژيم او شده&amp;zwnj;اند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;هيلاری کلينتون، وزير خارجه آمريکا مواضع روسيه و چين را &amp;quot;بخشی از راه&amp;zwnj;حل بحران سوريه&amp;quot; دانسته اما گفته است اين راه&amp;zwnj;حل، انتقال قدرت سياسی در سوريه را نيز بايد شامل شود.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;به گفته کلينتون، خشونت فزاينده در ۱۰ روز گذشته در سوريه نشان می&amp;zwnj;دهد &amp;quot;صلح و کرامت انسانی بدون تغيير در قدرت سياسی سوريه امکان&amp;zwnj;پذير نيست.&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;اشاره کلينتون به کشتار حوله و چند کشتار ديگر در سوريه است که در ۱۰ روز گذشته در اين کشور رخ داده است. تنها در روستای حوله در استان حمص ۱۰۸ غيرنظامی از جمله ۴۹ کودک کشته شده&amp;zwnj;اند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;دولت سوريه و مخالفان يکديگر را به دست داشتن در اين کشتارها متهم می&amp;zwnj;کنند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;پس از کشتارهای تازه در سوريه، ايالات متحده آمريکا، فرانسه، بريتانيا، کانادا، آلمان، ايتاليا، اسپانيا، استراليا، بلغارستان و سوئيس ديپلمات&amp;zwnj;های سوريه را از خاک خود اخراج کردند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;دمشق نيز روز سه&amp;zwnj;شنبه در اقدامی متقابل ۱۷ ديپلمات غربی را از سوريه اخراج کرد.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;فهرست ۱۷ نفره&amp;zwnj;ای که وزارت امور خارجه سوريه منتشر کرده و آن&amp;zwnj;ها را &amp;quot;عنصر نامطلوب&amp;quot; خوانده &amp;zwnj;است، شامل سفرا و ديپلمات&amp;zwnj;های کشورهای ايالات متحده آمريکا، بريتانيا، آلمان، فرانسه، ايتاليا، بلغارستان، سوئيس، اسپانيا، بلژيک و کانادا می&amp;zwnj;شود، اگرچه برخی از اين سفرا و ديپلمات&amp;zwnj;ها پيش از اين به کشور خود فراخوانده شده&amp;zwnj;اند و اکنون در سوريه حضور ندارند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;همچنين شورشيان مسلح سوريه خواهان ايجاد منطقه پرواز ممنوع در سوريه و کمک&amp;zwnj;رسانی کشورهای خارجی برای سرنوگونی رژيم اسد شده&amp;zwnj;اند. اين ايده پيشتر از سوی روسيه و چين رده شده بود.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;لئون پانه&amp;zwnj;تا، وزير دفاع آمريکا نيز گفته است عمليات نظامی برای حل بحران سوريه فقط با حمايت سازمان ملل متحد امکان&amp;zwnj;پذير است.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;به گفته سازمان ملل از ۱۴ ماه پيش تاکنون حدود ۱۰ هزار نفر در خشونت&amp;zwnj;های سوريه کشته شده اند. دولت سوريه نيز می&amp;zwnj;گويد در اين مدت ۲۶۰۰ مأمور امنيتی و نظامی در اين کشور کشته شده&amp;zwnj;اند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/news/world/2012/06/06/15287#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/6989">دخالت نظامی</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/2702">روسیه</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/1963">سوریه</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/world">اخبار جهان</category>
 <pubDate>Wed, 06 Jun 2012 02:22:57 +0000</pubDate>
 <dc:creator>zamaanehnews</dc:creator>
 <guid isPermaLink="false">15287 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>ایران ملوانان چینی را از چنگ دزدان دریایی نجات داد</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/news/world/2012/04/07/12879</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/news/world/2012/04/07/12879&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-article-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_article_image&quot; width=&quot;250&quot; height=&quot;159&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/6_7.jpg?1333810889&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;ناوبران ایرانی، ۲۸ ملوان را از یک کشتی باری چینی که دزدان دریایی آن را ربوده بودند، نجات دادند.&lt;/p&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;خبرگزاری آسوشیتدپرس،امروز، شنبه هفتم آپریل از صدا و سیمای ایران نقل کرده&amp;zwnj;است که این اتفاق در دریای عمان رخ داده و در جریان آن نیروی دریایی ایران، ۹ تن از دزدان دریایی سومالی را که در حال ربودن این کشتی چینی بودند، دستگیر کرده&amp;zwnj;است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;دزدان دریایی روز جمعه به کشتی چینی حمله کردند، اما نیروی دریایی ایران که از واقعه مطلع شده بود چند ناو جنگی خود را به نجات ملوانان چینی فرستاد و با محاصره کشتی، آنان را از چنگ دزدان دریایی نجات داد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;بار کشتی چینی، آهن بود و قصد داشت آن را به بندری در جنوب غربی ایران برساند که به محاصره دزدان دریایی درآمد. این کشتی به شرکتی در شهر نانجینگ، واقع در شرق چین تعلق دارد و از شانگهای عازم ایران شده بود در حالی که بین راه توقفی نیز در سنگاپور داشت.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;
&lt;blockquote&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;بار کشتی چینی، آهن بود و قصد داشت آن را به بندری در جنوب غربی ایران برساند که به محاصره دزدان دریایی درآمد&lt;/div&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;سفارت چین در ایران نیز خبر نجات ملوانان چینی از دست دزدان دریایی را تایید کرده&amp;zwnj;است. بر اساس گزارش سفارت چین، این کشتی صبح جمعه در نزدیکی بندر چابهار ایران به تصرف دزدان دریایی درآمد. بعد از این رویداد بود که یو هونگ یانگ، سفیر چین در ایران، از دولت ایران درخواست کرد که ابتدا برای امنیت جانی ملوانان چینی وارد عمل شود و سپس تمهیدات نجات کشتی چینی را فراهم آورد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;ایران در گذشته نیز چندین بار با دزدان دریایی درگیری&amp;zwnj;هایی داشته و چند کشتی را از چنگ آنان نجات داده&amp;zwnj;است، به طوری که حبیب الله سیاری، فرمانده نیروی دریایی ایران، تعداد این درگیری&amp;zwnj;ها تنها در سال ۱۳۹۰ را ۴۴ مورد ذکر کرده&amp;zwnj;است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;در آخرین این درگیری&amp;zwnj;ها که در سه هزار کیلومتری آب&amp;zwnj;های ایران و در اقیانوس هند رخ داده بود، ناوهای ایرانی توانستند ۱۲ تن از دزدان دریایی را دستگیر کنند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/news/world/2012/04/07/12879#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%D8%A7%DB%8C%D8%B1%D8%A7%D9%86">ایران</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/10904">دریای عمان</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/8635">دزدان دریایی</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/world">اخبار جهان</category>
 <pubDate>Sat, 07 Apr 2012 09:43:49 +0000</pubDate>
 <dc:creator>Maryam</dc:creator>
 <guid isPermaLink="false">12879 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>احمدی‌نژاد به چين می‌رود، وزیر خارجه چين به ايران می‌آيد</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/news/iran/2012/02/11/10945</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/news/iran/2012/02/11/10945&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-article-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_article_image&quot; width=&quot;260&quot; height=&quot;165&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/china-iran.jpg?1328946031&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;همزمان با تلاش قدرت&amp;zwnj;های غربی برای تشويق چين به کاهش خريد نفت از ايران، علی&amp;zwnj;اکبر صالحی، وزير خارجه ايران گفت محمود احمدی&amp;zwnj;نژاد، رئيس&amp;zwnj;جمهوری اين کشور به چين سفر می&amp;zwnj;کند و وزیر خارجه چین نيز در يکی دو ماه آينده به تهران می&amp;zwnj;آيد.&lt;/p&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;به گزارش خبرگزاری فارس، صالحی شامگاه جمعه ۲۱ بهمن ۱۳۹۰ به شبکه سوم تلويزيون دولتی ايران گفت احمدی&amp;zwnj;نژاد به دعوت مقامات پکن به چين سفر می&amp;zwnj;کند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;وی به زمان دقيق اين سفر اشاره&amp;zwnj;ای نکرد و تنها گفت اين سفر در &amp;quot;آينده&amp;zwnj;ای نزديک&amp;quot; انجام می&amp;zwnj;شود.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;وزير خارجه ايران همچنين گفت &amp;quot;ما ژائوخو&amp;quot;، دستیار وزير خارجه چين &amp;quot;ظرف يکی دو روز آينده به تهران سفر می&amp;zwnj;کند.&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;p&gt;پکن هدف از سفر چین به ایران را تشويق مقامات این کشور به از سرگيری مذاکرات با گروه ۱+۵ اعلام کرده است&lt;/p&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;p&gt;وزارت خارجه چين نيز اعلام کرد &amp;quot;ما ژائوخو&amp;quot; برای مذاکره در خصوص پرونده اتمی  ايران از ۱۲ تا ۱۳ فوريه (۲۳ و ۲۴ بهمن ۱۳۹۰) به تهران سفر می&amp;zwnj;کند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;چين هدف از اين سفر را تشويق ايران به از سرگيری مذاکرات با گروه ۱+۵ اعلام کرده است.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;گروه ۱+۵ شامل کشورهای آمريکا، بريتانيا، فرانسه، چين و روسيه به&amp;zwnj;علاوه آلمان می&amp;zwnj;شود که درخصوص برنامه اتمی ايران با اين کشور مذاکره می&amp;zwnj;کنند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;قدرت&amp;zwnj;های غربی تلاش می&amp;zwnj;کنند تا کشورهای آسيايی را به تحريم&amp;zwnj; نفت ايران تشويق کنند اما چين می&amp;zwnj;گويد با تحريم&amp;zwnj;های بيشتر عليه ايران مخالف است.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;اتحاديه اروپا ۲۳ ژانويه ۲۰۱۲ اعلام کرد از ژوئيه ۲۰۱۲ (۱۱ تير ۱۳۹۱) به وارادت نفت از ايران پايان می&amp;zwnj;دهد.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;ون جيابائو، نخست&amp;zwnj;وزير چين نيز هفته گذشته با تأکيد مجدد بر مخالفت اين کشور با تحريم&amp;zwnj;ها عليه ايران گفت چين معتقد است گفت&amp;zwnj;وگو و همکاری &amp;quot;تنها&amp;quot; راه حل صحيح و موثر برای حل مناقشه اتمی ايران است.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;به گفته نخست&amp;zwnj;وزير چين &amp;quot;استفاده از زور باعث آشفتگی و آشوب در خاورميانه و جهان می&amp;zwnj;شود و به زيان همه خواهد بود.&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;جيابائو پيش از اين نيز گفته بود: &amp;quot;چين اميدوار است مسأله ايران از طريق سياسی و صلح&amp;zwnj;آميز حل شود و در عين حال مذاکرات ۱+۵ هر چه سريع&amp;zwnj;تر از سر گرفته شود و جامعه جهانی نقش سازنده خود را در اين جريان ايفا کند.&amp;quot;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;مناقشه بر سر برنامه اتمی ايران پس از انتشار گزارش آژانس بين&amp;zwnj;المللی انرژی اتمی در آبان سال جاری خورشيدی که اين کشور را متهم کرد در برنامه هسته&amp;zwnj;ای&amp;zwnj; خود، ابعاد نظامی را دنبال می&amp;zwnj;کند، بيش از پيش بالا گرفت.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;کشورهای غربی در واکنش به اين گزارش، تحريم&amp;zwnj;های يک&amp;zwnj;جانبه خود را عليه ايران به شکل بی&amp;zwnj;سابقه&amp;zwnj;ای گشترش دادند. اين تحريم&amp;zwnj;ها شامل افراد و شرکت&amp;zwnj;های ايرانی شده که گمان برده می&amp;zwnj;شود با برنامه اتمی ايران ارتباط دارند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;با اين حال ايران با تأکید بر اینکه برنامه هسته&amp;zwnj;ای&amp;zwnj;اش صلح&amp;zwnj;آمیز است، می&amp;zwnj;گويد با وجود اين تحريم&amp;zwnj;ها از برنامه اتمی خود عقب&amp;zwnj;نشينی نمی&amp;zwnj;کند.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/news/iran/2012/02/11/10945#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/iran">اخبار ایران</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%D8%A7%DB%8C%D8%B1%D8%A7%D9%86">ایران</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/1805">برنامه اتمی ایران</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/9583">ما ژائوخو</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/2097">محمود احمدی‌نژاد</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/7534">مذاکرات اتمی</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <pubDate>Sat, 11 Feb 2012 03:43:30 +0000</pubDate>
 <dc:creator>zamaanehnews</dc:creator>
 <guid isPermaLink="false">10945 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  <item>
    <title>روسیه و سوریه هم قافیه اند</title>
    <link>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/02/08/10863</link>
    <description>&lt;div class=&quot;fb-social-like-widget&quot;&gt;&lt;fb:like  href=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/02/08/10863&quot; send=&quot;false&quot; layout=&quot;box_count&quot; show_faces=&quot;false&quot; width=&quot;500&quot; action=&quot;like&quot; font=&quot;arial&quot; colorscheme=&quot;light&quot;&gt;&lt;/fb:like&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class=&quot;field field-type-text field-field-nevisandeh&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    اکبر فلاح‌زاده        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div class=&quot;field field-type-filefield field-field-maghaleh-image&quot;&gt;
    &lt;div class=&quot;field-items&quot;&gt;
            &lt;div class=&quot;field-item odd&quot;&gt;
                    &lt;img  class=&quot;imagefield imagefield-field_maghaleh_image&quot; width=&quot;428&quot; height=&quot;301&quot; alt=&quot;&quot; src=&quot;https://archive.radiozamaneh.com/sites/default/files/asad_putin.jpg?1328674427&quot; /&gt;        &lt;/div&gt;
        &lt;/div&gt;
&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;روسیه چندی پیش ناوگان موسوم به &amp;quot;آدمیرال کوزنتسوف&amp;quot; را به بندر طرطوس&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; (Tarus) &lt;/span&gt;در غرب سوریه اعزام کرد و یک محموله موشکی هم به سوریه تحویل داد. تحویل این موشکها ظاهرأ در چارچوب قرارداد سال ۲۰۰۷ با سوريه صورت می&amp;zwnj;گیرد. تحویل سامانه&amp;zwnj;هاي دفاع ساحلي &amp;quot;باستيون&amp;quot; همراه با موشک&amp;zwnj;هاي بالستيک ضد کشتي&amp;zwnj;هاي جنگي &amp;quot;ياخونت&amp;quot; به سوریه همیشه با مخالفت اسراییل روبه&amp;zwnj;رو بوده.&lt;/div&gt;
&lt;!--break--&gt;&lt;!--break--&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;اما تحویل آنها در حال حاضر بیشتر جنبه نمایشی دارد تا عزم روسیه را در دفاع از متحدش سوریه نشان بدهد. پایگاه دریایی طرطوس واقع در سوریه در زمان شوروی سابق و به منظور مقابله دریایی با ناوگانهای غربی در مدیترانه ایجاد شده بود. اما حالا حتی بعد از از بین رفتن شوروی هم از بین نرفته و در اختیار دولت روسیه قرار گرفته.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;روسها معتقدند که در مورد لیبی از غرب رودست خورده اند و از این رو سوریه را به این آسانی&amp;zwnj;ها رها نخواهند کرد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;سوریه متحد روسیه و مشتری سلاح&amp;zwnj;های روسی است. این سلاح&amp;zwnj;ها از راه&amp;zwnj;های قانونی و غیرقانونی به سوریه می&amp;zwnj;رسند. قبرس ۱۱ ژانویه سال گذشته میلادی از حرکت یک کشتی حامل تجهیزات نظامی روسی به سوریه جلوگیری کرد. اما آن را فقط به تغییر مسیر وادار کرد و توقیف نکرد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;تحویل موشک&amp;zwnj;هاي بالستيک ضد کشتي&amp;zwnj;هاي جنگي از طرف روسیه به سوریه، در حال حاضر بیشتر جنبه نمایشی دارد تا عزم روسیه را در دفاع از متحدش نشان بدهد&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;قبرسی&amp;zwnj;ها چشمشان ترسیده: تابستان پارسال انفجار یک انبار مهمات در یک پایگاه دریایی قبرس که ۹۸ کانتینر حاوی سلاح و مهمات در آن انبار شده بود، چند کشته و مجروح و کلی خسارت به&amp;zwnj;جا گذشت.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;این سلاحها از یک کشتی باری که از ایران به مقصد سوریه در حرکت بود، توقیف شده بودند. ارسال این همه سلاح به صلاح کیست؟ حکومت بشار اسد مانند حکومت پدرش جابرانه است. این پدر و پسر به بهانه مبارزه با اسراییل آزادیها را محدود و هرگونه اعتراض مردمی را خفه کرده اند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;اوضاع سوریه از یازده ماه پیش که اسد از ترس تکرار بهار عربی وعده اصلاحات داد و به آن عمل نکرد، متشنج شده است. عده&amp;zwnj;ای از نظامیان به گروه&amp;zwnj;های مخالف پیوسته و برای دفاع از مردم با نیروهای دولتی درگیر شده اند. به گفته ناظران حقوق بشر تا کنون بیش از پنج هزار نفر در آن کشور کشته اند&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;. &lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;روسها و چینی ها تاکنون دوبار در شورای امنیت مانع تصویب قطعنامه علیه اسد شده اند. بعد از قدرت گرفتن مجدد پوتین در روسیه، روسها در قبال غرب موضع سفت و سخت&amp;zwnj;تری در پیش گرفته اند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;آنها بر این باورند که در مورد لیبی سهل انگاری کرده و از این نظر در مورد سوریه سخت گرفته اند. چین هم از وتوی قطعنامه علیه اسد دفاع کرده. به نوشته روزنامه خلق&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; (Volkszeitung) &lt;/span&gt;قطعنامه یک طرفه بوده و فقط اسد را محکوم کرده و به قول این روزنامه &amp;quot;گروه&amp;zwnj;های مسلح&amp;quot; را که علیه دولت می جنگند، محکوم نکرده.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;به گفته مفسر این روزنامه دولتی، نیروهای ناتو قطعنامه علیه قذافی را مورد سوء استفاده قرار دادند. آنها با سوء استفاده از منطقه پرواز ممنوع، آشکارا به نفع مخالفان قذافی وارد جنگ شدند. به نوشته این روزنامه دولتی چینی که روزنامه فرانکفورتر آلگماینه از آن نقل قول کرده، چین ضمن اذعان به این که ممکن است خونریزی در سوریه ادامه بیابد، در توجیه وتوی خود ادعا نموده&amp;nbsp; که &amp;quot;تصویب قطعنامه وضع را پیچیده تر می کرد&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;&amp;quot;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;روس&amp;zwnj;ها بر این باورند که در مورد لیبی سهل انگاری کرده و از این نظر در مورد سوریه سخت گرفته اند و چینی&amp;zwnj;ها به نوشته روزنامه دولتی خلق، قطعنامه را یکطرفه دانسته و گفته&amp;zwnj;اند چرا گروه&amp;zwnj;های مسلح مبارز محکوم نشده&amp;zwnj;اند&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;وتوی روسیه و چین با اعتراض شدید دول غربی و مبارزان سوری مواجه شد. درست در آستانه رأی گیری بر سر قطعنامه، نیروهای سوری دهها نفر را در شهر حمص کشتند. مبارزان سوری در اعتراض، به سفارت خانه&amp;zwnj;های سوریه در چندین کشور از جمله در آلمان و استرالیا حمله کردند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;اما نیروهای دولتی سوریه دلگرم از پشتیبانی روسیه و چین، دوباره به شهر حمص حمله کردند و عده&amp;zwnj;ای را کشتند&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;. &amp;nbsp;&lt;/span&gt;بنا به گزارش خبرگزاری ها، در پی این حملات،آمریکا برای منزوی کردن بیشتر سوریه سفارتخانه&amp;zwnj;اش را در سوریه تعطیل کرده و سفیر و&amp;nbsp;کارکنانش را از دمشق خارج کرده است&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;لاوروف وزیر خارجه روسیه زیر فشار سنگین رسانه&amp;zwnj;های غربی وافکار عمومی قول داده به سوریه برود و با اسد گفت&amp;zwnj;وگو کند. به نوشته روزنامه چپگرای &amp;quot;یونگه ولت&amp;quot; به نقل از روزنامه شرق الاوسط، مسکو و واشنگتن پنهانی با هم قرار و مدار گذشته اند.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;طبق این قرار روسیه می کوشد اسد را به کناره&amp;zwnj;گیری وادار کند. اگر اسد تن ندهد، آنگاه روسیه&amp;nbsp; قطعنامه&amp;zwnj;های دیگر را وتو نخواهد کرد. این همه البته بستگی دارد به سیر تحولات در روزهای آتی. عجالتأ که تونس گفته دولت بشار اسد را دیگر به رسمیت نمی شناسد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;به نوشته روزنامه فرانکفورتر روندشاو، روسیه و چین از واکنش خشمگینانه مبارزان سوری و دول غربی و اتحادیه عرب&amp;nbsp; نسبت به وتوی قطعنامه شوکه شده اند. به گفته سوزان رایس نماینده آمریکا در سازمان ملل متحد &amp;quot;روسیه و چین با وتوی قطعنامه مسئول هر گونه خونریزی در سوریه خواهند بود.&amp;quot;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;به نوشته روزنامه چپگرای &amp;quot;یونگه ولت&amp;quot; مسکو و واشنگتن پنهانی با هم قرار و مدار گذشته اند. طبق این قرار روسیه می کوشد اسد را به کناره&amp;zwnj;گیری وادار کند. اگر اسد تن ندهد، آنگاه روسیه&amp;nbsp; قطعنامه&amp;zwnj;های دیگر را وتو نخواهد کرد&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;مرکل صدر اعظم آلمان هم همین موضع را درقبال وتوی روسیه و چین اتخاذ کرده و دو کشور مزبور را مسئول خونریزهای روزها ی آتی دانسته. دیگر سران غرب از جمله اوباما نیز موضع مشابهی گرفته اند. مخالفان در سوريه هم وتوی روسيه و چين را &amp;quot;مجوزی برای کشتار&amp;quot; مردم عنوان کردند&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;در این میان چینی ها در توجیه موضع&amp;zwnj;شان به دست و پا افتاده اند. روزنامه دولتی چین رنمین ریباو&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; (Renmin Ribao=People&#039;s Daily) &lt;/span&gt;نوشته، وتوی چین به&amp;zwnj;&amp;zwnj;&amp;zwnj; معنی باز گذاشتن دست حکومت برای خشونت نیست. اوضاع پیچیده است و راه حال کشورهای غربی نیز می&amp;zwnj;&amp;zwnj;توانست فاجعه آمیز باشد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;این روزنامه موضع چین را &amp;quot;مسئولانه&amp;quot; خوانده و به تغییر زورکی حکومت های لیبی، افغانستان و عراق اشاره نموده که سبب پایان یافتن خشونت&amp;zwnj;ها نشده&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;. &lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;چینی ها در هنگام رآی گیری به سر قطعنامه علیه قذافی رأی ممتنع داده بودند. اما سوریه چیز دیگری است؛ منافع روسیه و چین در سوریه خیلی بیشتر از آن است که بگذارد دست روی&amp;nbsp; دست روی دست بگذارند. دست هر دو در کاسه سوریه است. سوریه نه فقط از لحاظ اقتصادی، که از لحاظ ژئوپلیتیک هم برایشان اهمیت به سزا دارد.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;به گزارش&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; CNN &lt;/span&gt;یکی از علل اینکه چین و سوریه هوای هم را دارند، این است که چینی&amp;zwnj;ها از موضع سوریه در بلندیهای جولان دفاع می کنند، سوری&amp;zwnj;ها هم در عوض از موضع چین در مسئله تبت حمایت می کنند&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;.&lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;blockquote&gt;&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&lt;b&gt;به گزارش&lt;/b&gt;&lt;b&gt;&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; CNN &lt;/span&gt;یکی از علل اینکه چین و سوریه هوای هم را دارند، این است که چینی&amp;zwnj;ها از موضع سوریه در بلندیهای جولان دفاع می کنند، سوری&amp;zwnj;ها هم در عوض از موضع چین در مسئله تبت حمایت می کنند&lt;/b&gt;&lt;/div&gt;
&lt;/blockquote&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;اما گذشته از همه اینها، علت پشتیبانی روسیه و چین از حکومت بشار اسد را باید در ماهیت ضد دمکراتیک آنها جست. از کوزه همان تراود که در اوست. سرکوب جنبش اعتراضی مردم چین در میدان تیانانمن&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; (Tiananmen) &lt;/span&gt;معروف خاص و عام است و محدود کردن آزادیهای فردی نیز جزو امور روزمره در چین است.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;روسها هم دست کمی از چینی&amp;zwnj;ها ندارند و از جمله در کار تقلب&amp;zwnj;های انتخاباتی کسی حریفشان نمی شود. طی روزهای اخیر دهها هزار نفر در روسیه علیه انتخاب تقلبی ولادیمیر پوتین تظاهرات کرده اند و دولت برای مقابله با آنها کارمندان و مزدبگیران دولتی را به طرفداری پوتین به خیابانها فرستاده.&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;به نوشته &amp;quot;دی سایت&amp;quot; آلمان دیمتری روگوسین&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; (DmitriRogosin) &lt;/span&gt;معاون رئیس دولت روسیه اعلام کرده &amp;quot;روسهای میهن&amp;zwnj;پرست واقعی به جای تظاهرات علیه دولت بروند بچه بزایند، دستکم سه تا&amp;quot;. &amp;nbsp;با این میزان درک از دمکراسی، دفاع از حکومت بشار اسد از سوی روسیه نباید دور از انتظار باشد&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt;. &lt;/span&gt;&lt;/div&gt;
&lt;div dir=&quot;RTL&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;p&gt;با این حال بنا به تفسیر مارتین گلن&lt;span dir=&quot;LTR&quot;&gt; (Martin Gehlen) &lt;/span&gt;مفسر دی سایت، &amp;laquo;هر چقدر هم حمایت نظامی و سیاسی بشود، &amp;quot;رژیم اسد آینده ندارد و رفتنی است.&amp;quot;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
</description>
     <comments>https://archive.radiozamaneh.com/politics/2012/02/08/10863#comments</comments>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%D8%A7%DA%A9%D8%A8%D8%B1-%D9%81%D9%84%D8%A7%D8%AD-%D8%B2%D8%A7%D8%AF%D9%87">اکبر فلاح زاده</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/2702">روسیه</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/1963">سوریه</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/taxonomy/term/9518">وتوی قطعنامه شورای امنیت</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/category/tags/%DA%86%DB%8C%D9%86">چین</category>
 <category domain="https://archive.radiozamaneh.com/politics">گوی سیاست</category>
 <pubDate>Wed, 08 Feb 2012 04:09:18 +0000</pubDate>
 <dc:creator />
 <guid isPermaLink="false">10863 at https://archive.radiozamaneh.com</guid>
  </item>
  </channel>
</rss>